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CJI सूर्यकांत ने मंडी में कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया, ई-कोर्ट और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी

Mandi News: कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी रहे मौजूद

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​Mandi News: हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में न्यायिक बुनियादी ढांचे को भविष्योन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को मंडी के नए न्यायिक परिसर (कोर्ट कॉम्प्लेक्स) की आधारशिला रखी। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम. एस. रामचंद्र संधवालिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

​यह नया कोर्ट कॉम्प्लेक्स मंडी के 152 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 9.6 हेक्टेयर के विशाल भूखंड पर निर्मित किया जाएगा। इस परियोजना का वित्तीय ढांचा केंद्र और राज्य सरकार के साझा सहयोग पर आधारित है, जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार की और 10 प्रतिशत राज्य सरकार की होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से न्यायपालिका को हर संभव सहायता और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

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​शिलान्यास समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए सुलभ और त्वरित न्याय व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस परिसर का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि अगले पांच दशकों तक यह मंडी की न्यायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम रहे। यह कॉम्प्लेक्स न केवल न्यायाधीशों और वकीलों के लिए कार्यस्थल होगा, बल्कि आम जनता के लिए एक सुगम केंद्र बनेगा।

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​इस नए भवन की सबसे बड़ी विशेषता इसका मानवीय और संवेदनशील डिजाइन है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रेखांकित किया कि अक्सर लोग अपने छोटे बच्चों के साथ अदालती कार्यवाही के लिए आते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, कॉम्प्लेक्स में बच्चों के लिए विशेष स्थान और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्य न्यायाधीश एम. एस. रामचंद्र संधवालिया ने भी इस आधुनिक परिसर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे न्याय के विकेंद्रीकरण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

​वर्तमान में पुराने भवनों में जगह की कमी के कारण आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नए परिसर के बनने से सभी अदालतें एक ही छत के नीचे होंगी, जिससे वकीलों और मुवक्किलों के समय की बचत होगी। यह अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटल लाइब्रेरी और ई-कोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होगा। मंडी का यह नया न्यायिक परिसर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक रोल मॉडल साबित होगा, जिससे आम आदमी का न्यायपालिका पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

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