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भारत में बने चिप विदेशों तक पहुंचने शुरू : मोदी

सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन के पांचवें संस्करण में बोले प्रधानमंत्री

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नयी दिल्ली में बृहस्पतिवार को सेमिकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। -प्रेट्र
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को वैश्विक विनिर्माण के लिए एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश करते हुए चिप बनाने वाली कंपनियों से बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार देश को सेमीकंडक्टर क्षेत्र का पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। मोदी ने यहां ‘सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन’ के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘भारत में विनिर्मित चिप देश और विदेश के ग्राहकों तक पहुंचने लगे हैं, जबकि मोहाली और सूरत में नए संयंत्रों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो गया है।’ उन्होंने कहा कि दुनिया नए और भरोसेमंद विनिर्माण केंद्रों की तलाश कर रही है। भारत इस जरूरत को पूरा करने के लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है। भारत सेमीकंडक्टर उद्योग का पसंदीदा गंतव्य बनने के लिए हर जरूरी कदम उठा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और दूसरी ओर दुनिया का भारत पर भरोसा भी बढ़ रहा है।’ मोदी ने 2022 में मिशन की शुरुआत के बाद से परिवेश के तेजी से विस्तार में सम्मेलन में मौजूद उद्योग जगत के लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, ‘आप भारत की इस सफलता के स्तंभ हैं, आप साझेदार हैं।’ उन्होंने 2022 में कार्यक्रम शुरू होने के बाद से भारत के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर परिवेश विकसित करने के लिए चिप डिजाइन, उपकरण, सामग्री, परीक्षण और पैकेजिंग सहित कई क्षेत्रों में क्षमता विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने उद्योग जगत से घरेलू अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने का आग्रह किया और विदेश में काम कर रहे भारतीय शोधकर्ताओं से देश में उन्नत प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान देने को कहा।

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मोदी ने कहा कि सरकार अपने सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ा रही है। सरकार ने ‘सेमीकॉन इंडिया’ कार्यक्रम के दूसरे चरण को 1.275 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ जुलाई में मंजूरी दी थी। प्रधानमंत्री ने अधिक मजबूत घरेलू आपूर्ति शृंखला की भी जरूरत बताई। इसमें अधिक फैबलेस सेमीकंडक्टर कंपनियां, स्थानीय स्तर पर विकसित बौद्धिक संपदा और कृत्रिम मेधा (एआई) के बुनियादी ढांचे के लिए ‘सिलिकॉन फोटोनिक्स’ का अधिक इस्तेमाल शामिल है। उन्होंने सेमीकंडक्टर उपकरण, रसायन, गैस और सामग्री बनाने वाली कंपनियों से भारत में अपना कारोबार बढ़ाने का आग्रह किया। ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ विषय पर आयोजित सेमीकॉन इंडिया का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक होगा। इसमें सेमीकंडक्टर कंपनियां, नीति निर्माता, निवेशक, शिक्षाविद और स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं।

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