Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Chinese Visa Scam : कार्ति चिदंबरम को दिल्ली कोर्ट ने दिया बड़ा झटका, चीनी वीजा मामले में आरोप तय

दिल्ली की अदालत ने चीनी वीजा घोटाला मामले में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Chinese Visa Scam : दिल्ली की एक अदालत ने चीनी वीजा घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम और छह अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का मंगलवार को आदेश दिया। कार्ति चिदंबरम और सात अन्य के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया और चेतन श्रीवास्तव नाम के एक व्यक्ति को मामले में आरोपमुक्त कर दिया।

अदालत ने कथित आपराधिक षड्यंत्र के अपराध के लिए सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। इस मामले में अभी विस्तृत आदेश उपलब्ध नहीं हुआ है। कार्ति चिदंबरम पर 2011 में एक बिजली कंपनी के लिए चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने में रिश्वतखोरी का आरोप है। तब उनके पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे। इस मामले में सीबीआई ने अक्टूबर 2024 में कार्ति चिदंबरम और अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

Advertisement

सीबीआई ने एक विशेष अदालत के समक्ष दाखिल किए गए अपने आरोपपत्र में शिवगंगा लोकसभा सीट से सांसद कार्ति चिदंबरम, उनके कथित करीबी सहयोगी एस. भास्कररमन, वेदांता की सहायक कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) और मुंबई स्थित बेल टूल्स का नाम लिया है। बेल टूल्स के जरिए कथित तौर पर रिश्वत दी गई थी। एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए हैं।

Advertisement

उन्होंने बताया कि आरोप-पत्र में अन्य आरोपियों में वी. मेहता, अनूप अग्रवाल, मंसूर सिद्दीकी और चेतन श्रीवास्तव शामिल हैं। सीबीआई ने 2022 में दर्ज अपनी प्राथमिकी में दो साल की जांच के बाद आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाब स्थित टीएसपीएल 1980 मेगावाट का ताप विद्युत संयंत्र स्थापित कर रही थी और यह काम चीनी कंपनी ‘शेडोंग इलेक्ट्रिक पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्प' (एसईपीसीओ) को सौंपा गया था।

परियोजना के काम में निर्धारित समय से विलंब हो रहा था और कंपनी पर कथित तौर पर जुर्माना लगने की आशंका थी। सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि टीएसपीएल के एक अधिकारी ने अपने करीबी सहयोगी भास्कररमन के माध्यम से कार्ति चिदंबरम से संपर्क किया था।

Advertisement
×