पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस की सरकार

विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री का इस्तीफा

विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले मुख्यमंत्री का इस्तीफा

पुडुचेरी, 22 फरवरी (एजेंसी)

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में सत्ता पक्ष के छह विधायकों के इस्तीफे के बाद संकट में घिरी कांग्रेस सरकार सोमवार को गिर गयी। विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले ही मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने इस्तीफा दे दिया। नारायणसामी ने केंद्र सरकार और पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी पर हमला बोला। सदन में मनोनीत सदस्यों के मताधिकार के मुद्दे पर बहस के बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ विधानसभा से वाॅकआउट किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष वीपी शिवकोलुंधु ने मुख्यमंत्री का विश्वास प्रस्ताव गिरने की घोषणा कर दी। हालांकि, इस पर ध्वनिमत या मतविभाजन से विधायकों की राय नहीं ली गयी।

नारायणसामी ने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘सिर्फ निर्वाचित सदस्य ही सदन में मतदान कर सकते हैं, हमारे इस विचार को विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया। इसलिए हमने सदन से वॉकआउट किया और उपराज्यपाल से भेंट करके अपना और मंत्रिमंडल का इस्तीफा सौंपा। इस्तीफे पर फैसला करना अब उपराज्यपाल के विवेक पर है।' नारायणसामी ने विधानसभाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए आश्चर्य व्यक्त किया कि उन्होंने विश्वास प्रस्ताव को मतविभाजन के लिए क्यों नहीं रखा। नारायणसामी ने कहा, 'विधानसभाध्यक्ष ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया, इसलिए उनका फैसला गलत और अमान्य है। यह एक कानूनी मुद्दा है, इसलिए विशेषज्ञों से राय ली जाएगी।' वहीं, ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस प्रमुख और विपक्ष के नेता एन. रंगासामी ने कहा कि उनका सरकार बनाने का दावा पेश करने का कोई इरादा नहीं है और आगे चर्चा की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस के विधायक के. लक्ष्मीनारायणन और द्रमुक के विधायक वेंकटेशन के रविवार को इस्तीफा देने के बाद 33 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 11 हो गयी, जबकि विपक्षी दलों के 14 विधायक हैं। पूर्व मंत्री ए. नमसिवायम (अब भाजपा में) और मल्लाडी कृष्ण राव समेत कांग्रेस के 4 विधायकों ने इससे पहले इस्तीफा दिया था, जबकि पार्टी के एक अन्य विधायक को अयोग्य ठहराया गया था। सदन में 7 सीटें खाली हैं। किरण बेदी की जगह उपराज्यपाल बनीं तमिलिसाई सुन्दरराजन ने सोमवार को एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था और उसका एजेंडा विश्वासमत था। विपक्ष ने पिछले सप्ताह उन्हें आवेदन देकर कहा था कि सरकार अल्पमत में आ गयी है।

सदन में संख्या कांग्रेस : 9 (स्पीकर समेत), द्रमुक : 2 , ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस : 7, अन्नाद्रमुक : 4 , भाजपा : 3, सभी मनोनीत सदस्य, निर्दलीय : 1

अब सिर्फ 3 राज्यों में सरकार पुडुचेरी की सरकार गिर जाने के बाद 3 राज्य- पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ ही बचे हैं, जहां कांग्रेस की अपने दम पर सरकार है।

भाजपा पर निशाना

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, ‘पुडुचेरी में जो कुछ हुआ वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा ने अनैतिक तरीके से कांग्रेस सरकार गिराकर दिखाया कि वह सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। पहले वहां उपराज्यपाल के माध्यम से सरकार चलाने में परेशानियां पैदा की और अब धनबल से सरकार गिरा दी।'

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