स्वर्ण मंदिर के प्रमुख ग्रंथी ज्ञाानी रघबीर सिंह को किया सेवा मुक्त
एसजीपीसी कार्यकारिणी की विशेष बैठक में फैसला
स्वर्ण मंदिर के प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह को एसजीपीसी कार्यकारिणी ने सेवा मुक्त कर दिया है। यह निर्णय एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में विशेष बैठक में लिया गया। बैठक इसलिए की गई, क्योंकि ज्ञानी रघबीर सिंह ने 18 फरवरी को जालंधर में मीडिया से बात करते हुए एसजीपीसी और अकाली दल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, लेकिन कोई लिखित साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
एसजीपीसी ने निर्देशों की अनदेखी करने पर उन्हें सेवा से मुक्त करने का निर्णय लिया। एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि बैठक के दौरान ज्ञानी रघबीर सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए और विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कार्यकारिणी ने यह निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को ज्ञानी रघबीर सिंह से निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया या साक्ष्य नहीं मिला। उनका यह कृत्य एसजीपीसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला था और यह नियमों की पूरी अनदेखी थी।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ, क्योंकि यह निर्णय पूर्वानुमानित था।

