Migrant Workers : प्रवासियों को बड़ी राहत: केंद्र ने 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडरों का कोटा दोगुना किया
ईंधन संकट का समाधान : राज्यों के खाद्य आपूर्ति विभाग मजदूरों को करेंगे वितरित, ईंधन की कमी के चलते घर लौट रहे कामगारों को मिलेगी बड़ी मदद
Migrant Workers : देश के विभिन्न हिस्सों से खाना पकाने के ईंधन की कमी के कारण प्रवासी श्रमिकों के पलायन की खबरों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्यों के लिए 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों का कोटा दोगुना करने का निर्णय लिया है ताकि प्रवासियों को राहत मिल सके और उनकी घर वापसी रोकी जा सके।
केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने मंगलवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस फैसले की जानकारी दी है। सचिव ने कहा कि राज्यों में प्रवासी मजदूरों को वितरित किए जाने वाले 5 किलो वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडरों की दैनिक मात्रा को अब दोगुना किया जा रहा है। यह आवंटन 2 और 3 मार्च के दौरान की गई औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर तय किया जाएगा।
ये 5 किलो वाले सिलेंडर अब सीधे राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के पास उपलब्ध होंगे। विभाग तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के सहयोग से इन्हें विशेष रूप से केवल प्रवासी श्रमिकों को वितरित करेंगे।
युद्ध-पूर्व स्तर पर आपूर्ति की कोशिश
यह फैसला घरेलू ईंधन की उपलब्धता बहाल करने की सरकार की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। सरकार ने पहले ही कमर्शियल एलपीजी का कुल आवंटन बढ़ाकर युद्ध-पूर्व के 70 प्रतिशत स्तर तक कर दिया है।
पश्चिम एशिया संकट और आपूर्ति
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात के स्रोतों में विविधता ला रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने के बावजूद देश में फिलहाल कहीं भी गैस की किल्लत (ड्राई आउट) की स्थिति नहीं है। 5 किलो के ये 'छोटू' सिलेंडर, जो अब तक अधिकृत वितरकों के पास उपलब्ध थे, अब सीधे सरकारी चैनलों के जरिए वितरित किए जाएंगे ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।

