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CBSE Language Policy: 10वीं के मौजूदा विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने की बाध्यता नहीं: सीबीएसई

CBSE Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  ने सोमवार को अपनी त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने से छूट दी गई है। कक्षा नौवीं...

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फ़ाइल फ़ोटो
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CBSE Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  ने सोमवार को अपनी त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने से छूट दी गई है।

कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को एक बार की राहत देते हुए, सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि मौजूदा बैच को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन वे दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं।

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ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक महीने से अधिक पहले सीबीएसई ने घोषणा की थी कि एक जुलाई से 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा।

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सीबीएसई के इस आदेश के खिलाफ कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था। सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, ''कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच को त्रि-भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। कक्षा सातवीं से नौवीं के मौजूदा बैच को कक्षा 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।''

उन्होंने कहा, ''एक बार की राहत के रूप में वर्ष 2026-27 में पहले से 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी दो गैर-भारतीय (विदेशी) भाषाओं का अध्ययन जारी रख सकेंगे और उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा अनिवार्य रूप से जोड़नी होगी।''

अप्रैल में, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा छह से त्रि-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और कक्षा नौवीं के वास्ते गणित तथा विज्ञान के लिए दो-स्तरीय प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों में पढ़ाया जाएगा-एक अनिवार्य मानक (स्टैंडर्ड) स्तर और दूसरा वैकल्पिक उन्नत (एडवांस्ड) स्तर।

इसके तहत सभी विद्यार्थी 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो विद्यार्थी अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे अतिरिक्त उन्नत (एडवांस्ड) स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। इस परीक्षा का उद्देश्य विषय की गहन वैचारिक समझ और उच्च स्तर की विश्लेषणात्मक एवं तार्किक सोच का आकलन करना होगा।

सीबीएसई ने कहा था कि दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी।

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