CBSE Board Exams : परीक्षाओं की शुरुआत, देशभर में उत्साह और हल्की घबराहट
CBSE Board Exams : सीबीएसई की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से देशभर में शुरू हो गईं। पहले ही दिन लाखों विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुंचे। हाथ में एडमिट कार्ड, पारदर्शी पाउच में स्टेशनरी...
CBSE Board Exams : सीबीएसई की कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से देशभर में शुरू हो गईं। पहले ही दिन लाखों विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहले पहुंचे। हाथ में एडमिट कार्ड, पारदर्शी पाउच में स्टेशनरी और चेहरे पर आत्मविश्वास के साथ विद्यार्थियों ने एक महीने तक चलने वाली इस शैक्षणिक परीक्षा यात्रा का आगाज किया।
मोटी बाग के सर्वोदय विद्यालय सहित कई केंद्रों के बाहर अभिभावक बच्चों को अंतिम समय की सलाह देते और उनका मनोबल बढ़ाते नजर आए। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच और निर्धारित प्रोटोकॉल के बीच शांत और अनुशासित माहौल बना रहा।
पहले दिन गणित का पेपर था। छात्रा जमुना थापा ने कहा, ‘घबराहट और उत्साह दोनों हैं। तैयारी पूरी है, लेकिन असली परीक्षा तो प्रश्नपत्र देखकर ही होगी। कोचिंग और अतिरिक्त कक्षाओं का लाभ मिला है। दो बार बोर्ड परीक्षा का अवसर मिलना राहत देता है।’
बेंगलुरु के छात्र सिद्धार्थ ने पूरे वर्ष की मेहनत का भरोसा जताते हुए अच्छे अंक लाने की उम्मीद व्यक्त की। वहीं छात्र अद्वैत चेतन ने बताया कि ओएमआर शीट जैसी कुछ अतिरिक्त औपचारिकताएं इस बार जोड़ी गई हैं, लेकिन प्रक्रिया सामान्य है। उसने कहा कि दूसरे प्रयास का विकल्प छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
पहली बोर्ड परीक्षा में उपस्थिति अनिवार्य
सोमवार को सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि कक्षा 10 की पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहेंगे, वे दूसरी परीक्षा में शामिल होने के पात्र नहीं होंगे।
बोर्ड ने यह निर्णय उन अनुरोधों के बाद दोहराया, जिनमें कुछ छात्रों ने विभिन्न कारणों से पहली परीक्षा छोड़कर सीधे दूसरी परीक्षा देने की अनुमति मांगी थी। सीबीएसई ने पत्र में कहा है कि पहली परीक्षा में उत्तीर्ण और पात्र विद्यार्थी विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अंक सुधार के लिए दूसरी परीक्षा दे सकेंगे।
अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की निगाहें आगामी प्रश्नपत्रों और अंततः परिणामों पर टिकी हैं। परीक्षा का यह दौर न केवल ज्ञान की परख है, बल्कि धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भी कसौटी है।

