Digital Arrest डिजिटल अरेस्ट मामलों में पंजाब, हरियाणा समेत 14 राज्यों में सीबीआई CBI के छापे
डिजिटल अरेस्ट ठगी को अंजाम देने वाले साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 16 राज्यों में 80 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। इनमें पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश,...
डिजिटल अरेस्ट ठगी को अंजाम देने वाले साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 16 राज्यों में 80 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। इनमें पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं।
यह छापेमारी 200 से अधिक डिजिटल अरेस्ट मामलों की जांच का हिस्सा है। सीबीआई ने चेन्नई और कोलकाता से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर शेल कंपनियाँ बनाने और ‘म्यूल बैंक अकाउंट्स’ खोलने व संचालित करने का आरोप है। इन खातों का उपयोग कथित तौर पर अपराध की आय के लगभग 2 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया। सीबीआई को सबूत मिले हैं कि भारतीय नागरिकों के अलावा अन्य देशों के नागरिक भी इस नेटवर्क के शिकार हुए हैं। संबंधित देशों की एजेंसियों को सूचना दी जा रही है। सीबीआई का कहना है कि यह मामला अभी जांच के अधीन है और नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट जैसी वेबसाइट का खुलासा
सीबीआई ने हाल ही में एक धोखाधड़ी वाली वेबसाइट का पता लगाया, जिसका URL सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से मिलता-जुलता था। आरोप है कि अपराधियों ने इस डोमेन का उपयोग पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखा देने के लिए किया। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से शिकायत मिलने पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। अपराधियों ने नकली और जाली दस्तावेज़ अपलोड किए, जिनमें अदालतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के आदेश जैसे दिखने वाले फर्जी आदेश शामिल थे। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और बैंक लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए गए।

