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CAPF Bill Dispute : राहुल गांधी ने CAPF बिल को लेकर सरकार पर साधा निशाना, कहा- हमारी सरकार आई तो न्याय होगा

कांग्रेस की सरकार बनने पर सीएपीएफ के साथ भेदभाव वाली व्यवस्था खत्म की जाएगी: राहुल गांधी

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राहुल गांधी।
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CAPF Bill Dispute : कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद से हाल ही में पारित किए गए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) से संबंधित विधेयक का हवाला देते हुए वीरवार को कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त कर सीएपीएफ जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा।

उन्होंने सीआरपीएफ शौर्य दिवस के मौके पर एक संदेश में यह भी कहा कि यह जरूरी है कि सीएपीएफ बलों का नेतृत्व उसी सिस्टम से आने वाले लोग करें, जो उनकी चुनौतियों और जरूरतों को सही मायनों में समझते हों। संसद ने वर्तमान बजट सत्र में पिछले सप्ताह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी थी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस विधेयक के संबंध में विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि यह सीएपीएफ के किसी भी वर्ग के अहित में नहीं है और यह बलों को अधिक सशक्त बनाने में सहायक होगा।

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने राहुल गांधी ने वीरवार को एक्स पर पोस्ट किया, "सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर इस बल के हमारे साहसी और वीर जवानों को हार्दिक बधाई और सादर नमन। आपका साहस और बलिदान हर दिन हमारे देश की रक्षा करता है। आप सीमाओं पर तैनात रहकर देश को सुरक्षित रखते हैं, आतंकवाद और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, और लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव, चुनावों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाते हैं।"

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उन्होंने कहा, "सच्ची श्रद्धांजलि केवल शब्दों से नहीं होती। वर्षों के त्याग, तपस्या और सेवा के बावजूद सीएपीएफ जवानों को न तो समय पर पदोन्नति मिलती है, न ही अपने ही बल का नेतृत्व करने का अधिकार, क्योंकि शीर्ष पद बल से बाहर के लोगों के लिए आरक्षित हैं।" उनका कहना है कि सीएपीएफ के जवान विशेष प्रशिक्षण, जमीनी अनुभव और गहरी रणनीतिक समझ रखते हैं, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से भी यह जरूरी है कि इन बलों का नेतृत्व उसी सिस्टम से आने वाले लोग करें, जो उनकी चुनौतियों और जरूरतों को सही मायनों में समझते हों।

राहुल गांधी ने कहा, "नेतृत्व के अवसरों से वंचित रखने से लेकर वेतन, कल्याण और सम्मान से जुड़े, लंबे समय से लंबित मुद्दों तक - यह संस्थागत अन्याय उन जवानों के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, जो अपना जीवन देश की सुरक्षा में समर्पित कर देते हैं। यह सिर्फ करियर का सवाल नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान का मुद्दा है। मैं और कांग्रेस पार्टी आपका पूरा आदर और आपसे मोहब्बत करते हैं और मानते हैं कि अपने बल में आपकी तरक्की, शीर्ष नेतृत्व और सम्मान आपका हक है - हमारी सरकार आते ही इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा और सीएपीएफ जवानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाएगा। देश आप वीरों का ऋणी है, अब समय है कि आपके साथ न्याय हो।"

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