Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

‘टूटी हड्डियां ठीक हो जाएंगी, लेकिन सपने कौन लौटाएगा?’ राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला

प्रधानमंत्री जी क्या छात्रों के टूटे हुए सपने फिर से पूरे हो सकते हैं : राहुल गांधी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
राहुल गांधी।
Advertisement

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर रविवार को निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों की टूटी हुई हड्डियां तो ठीक हो जाएंगी, लेकिन क्या प्रधानमंत्री उनके टूटे हुए सपने लौटा सकते हैं?

गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बिहार के छात्रों और युवाओं के साथ अपनी हालिया मुलाकात का एक वीडियो साझा किया। परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर इन लोगों को ''पुलिस की बर्बरता'' का सामना करना पड़ा था। उन्होंने वीडियो के साथ अपने पोस्ट में कहा कि सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई? इन्होंने सरकार से सिर्फ तीन चीजें मांगी थीं - शिक्षा, रोजगार, और जवाबदेही।

Advertisement

Advertisement

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि एक छात्र के पैर की हड्डी एके 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई। ये अपराधी नहीं थे। ये गरीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि गोली के घाव भर जाएंगे, पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पूछा कि प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं? गांधी ने गुरुवार को बिहार के छात्रों से मुलाकात के दौरान कहा था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को यह याद रखना चाहिए कि जो भी सरकार युवाओं की आवाज दबाती है, उसे आखिरकार जनता को जवाब देना ही पड़ता है। उन्होंने साथ ही दावा किया कि वह दिन दूर नहीं है। ऐसी मांगों के जवाब में लाठी और गोली का इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी।

उन्होंने कहा था कि सरकार केवल कुछ निचले स्तर के अधिकारियों को दोषी ठहराकर इस बर्बरता की जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर से मिले आदेशों का नतीजा है या फिर प्रशासन की पूरी तरह से विफलता का संकेत है। बिहार सरकार चाहे कुछ भी करे, मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। मैं उन्हें हरसंभव मदद देने के लिए तैयार हूं।

Advertisement
×