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Bring Sahil Home : यूक्रेन में पकड़े गए गुजरात के साहिल ने मोदी सरकार से मांगी मदद, भारतीय युवाओं को किया आगाह

माजोथी को यह दावा करते हुए देखा और सुना जा सकता है कि उन्हें रूसी सेना में शामिल होने के लिए धोखा दिया गया था

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गुजरात के मोरबी कस्बे के 22 वर्षीय एक युवक को रूसी सेना के लिए लड़ते हुए यूक्रेन की सेना ने पकड़ लिया था। उसने यहां अपने परिवार को एक वीडियो संदेश भेजा है, जिसमें उसने अपनी रिहायी में मदद के लिए भारतीय सरकार से भावुक अपील की है।

साहिल मोहम्मद हुसैन माजोथी नामक व्यक्ति ने केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी अपनी रिहाई में सहायता करने का आग्रह किया, ताकि वह घर लौटकर अपने परिवार से मिल सके। मोरबी में रहने वाली उनकी मां हसीनाबेन को उनके मोबाइल फोन पर मिले नवीनतम वीडियो में, माजोथी को यह दावा करते हुए देखा और सुना जा सकता है कि उन्हें रूसी सेना में शामिल होने के लिए धोखा दिया गया था। अंततः दोनों देशों के बीच जारी युद्ध के दौरान उन्होंने यूक्रेनी सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

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इससे पहले अक्टूबर में, यूक्रेनी सेना ने एक वीडियो जारी करके माजोथी के आत्मसमर्पण की घोषणा की थी। नवीनतम वीडियो में, गुजरात निवासी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह 2024 में एक विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए रूस आया था। माजोथी ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थ से संबंधित आरोपों में सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

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आगे की सजा से बचने के लिए रूसी सेना के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर करने का अवसर दिया गया था। उन्होंने कहा कि हालांकि मैं (मादक पदार्थ के) अपराध में शामिल नहीं था, फिर भी मुझे 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई। जेल में रहने के दौरान, कुछ रूसी पुलिस अधिकारियों ने मुझे एक युद्ध अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए बहलाया, जो मेरी सबसे बड़ी गलती थी। इसके बाद माजोथी ने रूस आने वाले भारतीय युवाओं को जालसाजों से सावधान रहने के लिए आगाह किया। उन्होंने अपने भावुक संदेश में कहा कि मैं अपनी भारत सरकार और प्रधानमंत्री से अपील करना चाहता हूं। कृपया संभव हो तो मेरी मदद करें ताकि मैं घर वापस आ सकूं।

उनकी मां हसीनाबेन ने बताया कि उन्हें यह वीडियो दो दिन पहले अपने टेलीग्राम अकाउंट पर मिला था। वीडियो में साहिल को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उस पर झूठे आरोप लगाकर उसे रूस में जेल भेज दिया गया। उसने हमारी सरकार से अपनी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है। मैं यूक्रेन सरकार से भी मानवीय आधार पर उसे रिहा करने की अपील करती हूं।

मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सरकार मेरे बेटे को वापस लाएगी। गुजरात से राज्यसभा सदस्य केसरीदेवसिंह झाला ने कहा कि विदेश मंत्रालय इस मामले से अवगत है और माजोथी को वापस लाने के लिए प्रयास कर रहा है।

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