दोनों पक्षों को लगे जीत हुई... कोर्ट-कचहरी से राहत दिलाएगा समाधान समारोह, CJI सूर्यकांत ने बताया विवाद सुलझाने का नया तरीका
'समाधान समारोह' यह सुनिश्चित करने का प्रयास कि दोनों पक्षों को लगे कि उनकी जीत हुई: सूर्यकांत
Samadhan Samaroh : भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की 'समाधान समारोह' पहल का उद्देश्य लंबित मामलों का मध्यस्थता के जरिए इस तरह समाधान करना है कि दोनों पक्षों को यह महसूस हो कि उनकी जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट के 'समाधान समारोह' के तहत मामलों के लंबित रहने की समस्या से निपटने के लिए मध्यस्थता और विवादों के सहमति से समाधान के अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस पहल के जरिए पक्षकारों को आपसी सहमति से स्वीकार्य समाधान तक पहुंचने में मदद की जाती है। आकाशवाणी के 'न्यूज ऑन एयर' को दिये साक्षात्कार में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही के दौरान वादियों को काफी मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है और यह पहल उन्हें आपसी सहमति से स्वीकार्य समाधान उपलब्ध कराने का प्रयास है।
उन्होंने कहा, ''न्यायिक कार्यवाही के दौरान वादियों को काफी तनाव से गुजरना पड़ता है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों पक्ष अदालत से इस भावना के साथ बाहर निकलें कि दोनों की जीत हुई है।'' सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण और आपसी सहमति से समाधान के लिए देशभर में चलाया जा रहा मध्यस्थता आधारित अभियान 'समाधान समारोह' 21 अप्रैल को शुरू हुआ था और 21 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के साथ इसका समापन होगा।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, ''हमने सुप्रीम कोर्ट में 21 से 23 अगस्त तक 'समाधान समारोह' का आयोजन किया है। इस पहल के जरिए हमारा उद्देश्य मध्यस्थता और आपसी सहमति के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या कम करना है। सुप्रीम कोर्ट इस देश की सर्वोच्च अदालत है और मुझे विश्वास है कि इस पहल के तहत कई मामलों का समाधान हो सकेगा।''

