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Border Security Focus: अरुणाचल प्रदेश में सेना कल्याण निधि बढ़ेगी, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा होगी मजबूत

Border Security Focus: अरुणाचल प्रदेश के सामरिक दृष्टि से संवेदनशील अंजाव जिले में 'प्रोजेक्ट सद्भावना' के तहत नागरिक कल्याण के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये की जाएगी। बुधवार को अंजाव जिले में आयोजित दूसरे नागरिक-सैन्य...

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सांकेतिक तस्वीर
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Border Security Focus: अरुणाचल प्रदेश के सामरिक दृष्टि से संवेदनशील अंजाव जिले में 'प्रोजेक्ट सद्भावना' के तहत नागरिक कल्याण के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये की जाएगी।

बुधवार को अंजाव जिले में आयोजित दूसरे नागरिक-सैन्य समन्वय बैठक को संबोधित करते हुए 82 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जसप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण इस क्षेत्र के अत्यधिक रणनीतिक महत्व पर जोर दिया।

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उन्होंने कहा कि सेना पहले ही कल्याणकारी पहलों पर एक करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जिसमें 2025 के वलॉन्ग दिवस समारोह भी शामिल हैं, और भविष्य की सामुदायिक परियोजनाओं के लिए इस आवंटन को बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये करने का संकल्प लिया है।

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आधिकारिक बयान के अनुसार, अंजाव की उपायुक्त मिलो कोजिन की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक का उद्देश्य सीमा क्षेत्र के विकास, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और जनकल्याण के मुद्दों पर नागरिक प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को और मजबूत करना था।

अंजाव की उपायुक्त मिलो कोजिन ने कहा, ''अंजाव जैसे सामरिक दृष्टि से संवेदनशील सीमावर्ती जिले में नागरिक-सैन्य समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां सुरक्षा और सामुदायिक कल्याण साथ-साथ चलने चाहिए।''

उन्होंने स्थानीय भूमि संबंधी मुद्दों, कचरा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के समाधान में सेना को पूर्ण प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। चर्चा के दौरान सेना ने बिपिन रावत गेट और दिचु नाला के पार अनधिकृत नागरिक आवाजाही को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं व्यक्त कीं और प्रशासन से जनता को इस बारे में जागरूक करने का अनुरोध किया।

सैन्य बंकरों जैसी बुनियादी संरचनाओं को प्रभावित करने वाले भूमि विवादों को रेखांकित करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक शर्मा ने कहा कि स्वामित्व दावों के विधिक सत्यापन के बाद सेना केकेजी तोपखाना क्षेत्र के लिए पर्याप्त मुआवजा देने के लिए तैयार है।

बुनियादी ढांचे की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग ने पुष्टि की कि वर्तमान कार्य सत्र के दौरान सर्जिकल सेंटर तक जाने वाली सड़क की मरम्मत और उसे ब्लैकटॉप करने के लिए धन स्वीकृत कर दिया गया है।

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