Border Firing Case: असम-अरुणाचल सीमा पर फिर तनाव, पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं
Border Firing Case: अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे असम के धेमाजी जिले में बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के प्रदर्शनकारियों के बीच फिर से झड़प हुई। इस दौरान भीड़ को काबू में करने के लिए पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश की...
Border Firing Case: अरुणाचल प्रदेश की सीमा से सटे असम के धेमाजी जिले में बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के प्रदर्शनकारियों के बीच फिर से झड़प हुई। इस दौरान भीड़ को काबू में करने के लिए पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश की पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं जबकि आज असम में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी का दूसरा दिन है।
असम के मिसिंग समुदाय के मुख्य छात्र संगठन 'टाकाम मिसिंग पोरिन केबांग' (टीएमपीके) और अन्य स्थानीय समूहों ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू की थी। यह विरोध कथित गोलीबारी के खिलाफ था जिसमें असम से जातीय मूल के 12 लोग घायल हो गए थे।
एक अधिकारी ने बताया, ''जब नाकेबंदी जारी थी तब अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों ने असम के प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके जिससे कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई।'' उन्होंने बताया कि यह घटना असम के धेमाजी जिले के सिलापाथर में लिकाबली एंट्री पॉइंट पर हुई।
असम सरकार के अधिकारी ने कहा, ''फिर हमने देखा कि अरुणाचल की पुलिस ने अपनी तरफ मौजूद भीड़ को काबू में करने के लिए हवा में तीन बार गोलीबारी की।'' घटना के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा, ''सीमाएं कभी दिलों को नहीं बांट सकतीं। अंतरराज्यीय सीमा पर जमीन अतिक्रमण के विवाद को लेकर अरुणाचल प्रदेश के कथित उपद्रवियों की गोलीबारी में असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए।

