BJP vs Congress Haryana: 27 अप्रैल का विशेष सत्र बनेगा ‘नारी शक्ति’ बनाम विपक्ष का मैदान
BJP vs Congress Haryana: ‘नारी शक्ति वंदन’ पर घमासान के संकेत, निंदा प्रस्ताव ला सकती है सरकार
BJP vs Congress Haryana: हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गरमाने वाली है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक में 27 अप्रैल को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है। यह सत्र केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां सरकार और विपक्ष आमने-सामने दिख सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस सत्र में प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और हालिया संसद घटनाओं को लेकर भी तीखी बहस होने की संभावना है। सरकार का आधिकारिक एजेंडा भले सार्वजनिक नहीं हुआ हो, लेकिन राजनीतिक संकेत साफ हैं कि यह सत्र मुद्दों से ज्यादा संदेश देने वाला होगा। 27 अप्रैल का यह विशेष सत्र केवल विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच बन सकता है।
एक तरफ सरकार ‘नारी शक्ति’ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष भी अपने बचाव और पलटवार की रणनीति बना रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सत्र नीतिगत चर्चा तक सीमित रहता है या फिर यह हरियाणा की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आता है।
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‘नारी शक्ति’ पर सियासी टकराव तय
मुख्यमंत्री सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने 16-17 अप्रैल को संसद में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने विपक्ष का ‘असली चेहरा’ उजागर कर दिया है। उनके मुताबिक, विपक्ष ने खुद को महिला-विरोधी और सत्ता-लोभी साबित किया है। सरकार की ओर से संकेत हैं कि ‘नारी शक्ति वंदन’ बिल को लेकर विपक्ष के रवैये के खिलाफ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव भी लाया जा सकता है। सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध कर महिलाओं का अपमान किया है।
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महिलाओं की भागीदारी ‘अधिकार’, दान नहीं
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी कोई दया या दान नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में बराबरी का स्थान देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विपक्ष ने हमेशा उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। सैनी ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में महिला मतदाता इस तरह की राजनीति का कड़ा जवाब देंगी।
परिसीमन पर भी गरमाया माहौल
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे परिसीमन के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आएगी। विपक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के लिए लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में है।
इस बिल पर कुल 528 सांसदों ने मतदान किया, जिसमें 298 ने समर्थन किया जबकि 230 ने विरोध किया। बिल पास होने के लिए 352 वोट जरूरी थे, लेकिन 54 वोट कम पड़ने के कारण यह पारित नहीं हो सका। इसी मुद्दे को लेकर अब राज्य स्तर पर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, और हरियाणा का विशेष सत्र इस बहस को और धार देने वाला है।

