ED Raid Punjab : बिट्टू का बड़ा दावा : राघव चड्ढा बन सकते हैं गवाह, संजीव अरोड़ा पर जमीन घोटाले और दुबई कनेक्शन के आरोप
आरोपों की धार हुई तेज: वित्तीय लेन-देन के लिए अक्सर दुबई जाते थे अरोड़ा, बिट्टू ने विदेशी कनेक्शन की जताई आशंका
ED Raid Punjab : पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया छापेमारी के बाद केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने नया धमाका किया है। बिट्टू ने दावा किया है कि इस मामले में राघव चड्ढा सरकारी गवाह बन सकते हैं और पंजाब के कई प्रभावशाली चेहरों से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों की जानकारी दे सकते हैं।
राघव चड्ढा को लेकर किया बड़ा दावा
एक निजी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान बिट्टू ने कहा कि राघव चड्ढा का बदलता राजनीतिक रुख इस ओर इशारा कर रहा है कि वे जांच में सरकारी गवाह की भूमिका निभा सकते हैं। बिट्टू के अनुसार, चड्ढा और पार्टी के बीच बढ़ता तनाव अब सार्वजनिक होने लगा है, जिसके चलते वे कई अहम खुलासे कर सकते हैं। हालांकि, जब बिट्टू से इन दावों के पक्ष में सबूत मांगे गए, तो उन्होंने कहा कि अब यह मीडिया का काम है कि वह गहराई से जांच करे और तथ्यों को जनता के सामने लाए।
जमीन घोटाले और दुबई कनेक्शन पर घेरा
केंद्रीय मंत्री ने संजीव अरोड़ा पर हमला जारी रखते हुए उन पर लुधियाना-चंडीगढ़ मार्ग पर स्थित कीमती जमीन के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अरोड़ा अपने वित्तीय लेन-देन को मैनेज करने के लिए अक्सर दुबई की यात्राएं करते रहे हैं। बिट्टू ने आशंका जताई कि इस घोटाले के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी जांच एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन बिट्टू का कहना है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इसमें शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई होना तय है।
स्वतंत्र जांच और सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश
छापेमारी के समय को लेकर उठ रहे सवालों पर बिट्टू ने स्पष्ट किया कि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने इन कार्रवाईयों को राजनीति से प्रेरित बताने वाले आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। दूसरी ओर, बिट्टू ने अपने फेसबुक अकाउंट पर संजीव अरोड़ा की तस्वीर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा— "सब पकड़े जाएंगे।" उनके इस सख्त तेवर से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह जांच और भी कई रसूखदार नेताओं के लिए मुसीबत बन सकती है।
