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Punjab Politics: अकाली दल-BJP गठबंधन की खुली पैरवी, बिक्रम मजीठिया बोले- ‘दोनों दलों को साथ आना चाहिए’

हरसिमरत कौर बादल के NDA में संभावित वापसी के संकेत के एक दिन बाद मजीठिया ने कहा- पंजाब की जनता चाहती है दोनों दल फिर साथ आएं

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बिक्रम सिंह मजीठिया की फाइल फोटो।
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शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने अकाली दल और भाजपा के बीच फिर से गठबंधन की खुलकर वकालत की है। उन्होंने पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू-सिख एकता का हवाला देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों दलों को साथ आना चाहिए। हालांकि इस पर फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को करना है।

मजीठिया का यह बयान उनकी बहन और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने पंजाब के विकास और प्रगति में मददगार रहे गठबंधनों के दोबारा बनने की बात कही थी। उनके इस बयान को भाजपा नीत NDA में अकाली दल की संभावित वापसी के संकेत के तौर पर देखा गया था।

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‘जनता चाहती है दोनों दल फिर साथ आएं’

मजीठिया ने कहा कि हरसिमरत कौर बादल ने जो संकेत दिया है, वही पंजाब की जनता भी चाहती है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और शिअद के पूर्व नेता प्रकाश सिंह बादल के बीच रहे गठबंधन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेताओं का गठजोड़ भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू-सिख एकता पर आधारित था। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन पंजाब और केंद्र, दोनों जगह सफल रहा था।

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कृषि कानूनों के बाद अलग हुए थे रास्ते

मजीठिया ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर हुए विवाद के बाद अकाली दल और भाजपा के रास्ते अलग हो गए थे। उन्होंने कहा कि यह इतिहास में दर्ज तथ्य है।

उन्होंने कहा कि आज पंजाब की स्थिति को देखते हुए लोग चाहते हैं कि दोनों दल फिर साथ आएं। उन्होंने सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, विकास और रोजगार जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए गठबंधन की जरूरत बताई।

हरसिमरत के बयान से तेज हुई गठबंधन की चर्चा

हरसिमरत कौर बादल ने बृहस्पतिवार को कहा था कि पंजाब के लोगों के विकास और प्रगति में मदद करने वाले गठबंधन फिर से होने चाहिए। उनके इस बयान के बाद अकाली दल और भाजपा के बीच संभावित राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अकाली दल और भाजपा लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन सहयोगी रहे हैं। हालांकि, कृषि कानूनों के मुद्दे पर सितंबर 2020 में अकाली दल ने भाजपा नीत NDA से अलग होने का फैसला किया था।

फिलहाल दोनों दलों के बीच औपचारिक गठबंधन को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन मजीठिया के ताजा बयान ने पंजाब की राजनीति में संभावित अकाली दल-BJP गठजोड़ की अटकलों को और हवा दे दी है।

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