सुशांत मामला बिहार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

महाराष्ट्र के मंत्री ने अधिकार-क्षेत्र पर उठाया सवाल

सुशांत मामला बिहार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

पटना/मुंबई, 4 अगस्त (एजेंसी)

पटना और मुंबई पुलिस में खींचतान के बीच मंगलवार को बिहार सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर बताया कि सुशांत के पिता केके सिंह की तरफ से दर्ज कराए गये मामले में सीबीआई जांच के लिए सिफारिश भेजी गयी है। 

नीतीश कुमार की यह घोषणा महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन को रास नहीं आई। महाराष्ट्र के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार शायद सीबीआई जांच की सिफारिश करके कोरोना से निपटने में अपनी नाकामी से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। मलिक ने कहा, ‘बिहार सरकार का फैसला संघीय ढांचे को कमजोर कर रहा है। क्या महाराष्ट्र में हुए अपराध को लेकर उनका (बिहार सरकार का) कोई अधिकार-क्षेत्र है?’

सुशांत मामले से कोई लेना-देना नहीं : आदित्य ठाकरे

मुंबई (एजेंसी): महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि सुशांत मामले में उन्हें और उनके परिवार को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।  इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अभिनेता की मौत के बाद गंदी राजनीति हो रही है।  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के 30 वर्षीय बेटे ने कहा कि बॉलीवुड में कई लोगों के साथ उनका सौहार्दपूर्ण संबंध है और यह कोई अपराध नहीं है। उधर अभिनेता सूरज पंचोली ने भी कहा, मुझे इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है।

रिया की याचिका पर सुनवाई आज :   सुशांत के पिता ने पटना में 25 जुलाई को अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सुशांत को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे मुंबई ट्रांसफर करने की रिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हो सकती है। इस बीच, रिया के वकील ने कहा कि बिहार सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश करने का अधिकार नहीं है। वकील ने कहा, बिहार सरकार को अहसास हो रहा है कि उसके पास मामले की जांच करने का अधिकार नहीं है, इसलिए वह मामला सीबीआई को सौंपने की सिफारिश करने का अवैध तरीका अपना रही है।

अदालत में जनहित याचिका : बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर मांग की गयी है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए या सीबीआई अथवा मुंबई के बाहर किसी अन्य एजेंसी को तफ्तीश का काम सौंप दिया जाए। नागपुर निवासी समीत ठक्कर की इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है।

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