Bihar Flood : बिहार में बाढ़ का कहर, 48.70 लाख लोग प्रभावित; कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बिहार में बाढ़ से 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित, नदियों का जलस्तर घटना शुरू
Bihar Flood : बिहार में रविवार को 48 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित रहे। हालांकि अधिकतर नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन यह अब भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में सितंबर में अब तक 111.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 13 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 48.70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय और अररिया सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
डीएमडी ने बताया कि कोसी नदी बलताड़ और कुरसेला में, बूढ़ी गंडक खगड़िया में, गंगा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन श्रीपालपुर में, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। विभाग ने बताया कि प्रशासन 1,257 सामुदायिक रसोई संचालित कर रहा है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में 13 राहत शिविर बनाए गए हैं। उसने बताया कि इन शिविरों में करीब 12,260 लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था की गई है। उसने बताया कि लोगों को निकालने और उनके आवागमन के लिए करीब 1,790 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 10 और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की 27 टीम विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं। इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाढ़ राहत मुहैया कराने के मामले में केंद्र पर बिहार के प्रति ''सौतेला रवैया'' अपनाने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य के केंद्रीय मंत्रियों की आलोचना की तथा उन पर ''बिहार के लिए राहत पैकेज हासिल करने में विफल'' रहने का आरोप लगाया।
यादव ने आरोप लगाया, ''जब भी गुजरात में बाढ़ आती है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तत्काल राहत का आश्वासन देते हैं, राज्य के नेतृत्व से बात करते हैं और भारतीय वायुसेना समेत राहत बलों की तैनाती के निर्देश देते हैं। लेकिन बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है, जहां वह चुनाव प्रचार के दौरान आते हैं और 'लिट्टी-चोखा' खाते हैं।''

