Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Bengal SIR Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर EC को नोटिस जारी किया, 9 फरवरी को सुनवाई

Bengal SIR Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर चुनाव आयोग (EC) को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी आई थीं। ट्रिब्यून फोटो
Advertisement

Bengal SIR Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर चुनाव आयोग (EC) को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।

इस दौरान एक अहम घटनाक्रम में ममता बनर्जी स्वयं सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं और अपनी बात रखी। यह पहला मौका है जब किसी राज्य की मौजूदा मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से शीर्ष अदालत में दलीलें दी हैं।

Advertisement

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने न सिर्फ ममता बनर्जी की याचिका बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की SIR से जुड़ी अलग याचिका पर भी चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।

Advertisement

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी किया जाता है। सॉलिसिटर जनरल ने बताया है कि एक अन्य याचिका में चुनाव आयोग का हलफनामा इस मामले से जुड़ा है। उस मामले को भी सोमवार को सुना जाएगा।”

लोगों के अधिकारों की रक्षा कीजिए:  ममता बनर्जी

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने अदालत से कहा, “कृपया लोगों के अधिकारों की रक्षा करें। हम आपके आभारी हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के दौरान डोमिसाइल सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं किए जा रहे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

न्याय दरवाज़े के पीछे रो रहा है

ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर चुनाव आयोग को छह पत्र लिखे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने कहा, “जब हर जगह से निराशा मिलती है और न्याय दरवाज़े के पीछे रोता है, तब हम यहां आए हैं। मैं किसी पार्टी के लिए नहीं, लोगों के लिए लड़ रही हूं।”

सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग को चेतावनी

पीठ ने मतदाता नामों में गड़बड़ी के आधार पर भेजे जा रहे नोटिसों को लेकर चुनाव आयोग को सतर्क रहने को कहा। अदालत ने कहा, “नोटिस बहुत सावधानी से भेजे जाने चाहिए। आप प्रसिद्ध व्यक्तियों के नाम ऐसे ही नहीं निकाल सकते।” यह टिप्पणी नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को भेजे गए नोटिस के संदर्भ में मानी जा रही है।

SIR को लेकर गंभीर आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया जल्दबाज़ी, पक्षपात और राजनीतिक मंशा के साथ चलाई जा रही है। उन्होंने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में कहा था कि मौजूदा SIR प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है इससे बड़े पैमाने पर मताधिकार छिनने का खतरा है।

Advertisement
×