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Bengal Politics : सोनिया गांधी से मिलीं ममता बनर्जी, BJP के खिलाफ विपक्षी एकजुटता मजबूत करने पर दिया जोर    

दोनों पार्टियों ने बैठक के ब्यौरे का खुलासा नहीं किया है 

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'इंडिया' गठबंधन की बैठक में विपक्षी एकजुटता मजबूत करने पर जोर देने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि यह मुलाकात सोनिया गांधी के आवास '10 जनपथ' पर हुई।
दोनों पार्टियों ने बैठक के ब्यौरे का खुलासा नहीं किया
दोनों नेता विपक्षी गठबंधन की बैठक के बाद दोनों पार्टियों के बीच आगे की रणनीति और हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद कई नेताओं के पार्टी से अलग होने के बाद की रणनीति पर चर्चा की। दोनों पार्टियों ने बैठक के ब्यौरे का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बनर्जी ने कांग्रेस की प्रमुख नेता के साथ बातचीत के दौरान विपक्षी एकता पर जोर दिया है।
गठबंधन के नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना करने से बचना चाहिए
इस बात को रेखांकित किया कि 'इंडिया' गठबंधन को जनता से जुड़े मुद्दों सहित विभिन्न मुद्दों पर भाजपा से मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। विपक्षी गठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में बनर्जी ने सभी घटक दलों से अतीत की बातों को भूलकर एकजुट होने का आग्रह किया था।बैठक में बनर्जी ने कहा था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना करने से बचना चाहिए। यह कांग्रेस से इतर अलग विपक्षी गठबंधन बनाने के उनके अतीत के  प्रयासों से अलग रुख है।वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद, ममता बनर्जी ने विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने की कांग्रेस की क्षमता पर सवाल उठाया था।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और बनर्जी सोमवार को यहां विपक्षी गठबंधन की बैठक के दौरान गर्मजोशी से एक-दूसरे से गले मिली थीं। कांग्रेस ने दोनों नेताओं के गले मिलने की तस्वीरें साझा की थीं।यह बैठक तृणमूल के भीतर बगावत के मद्देनजर हो रही है, जिसमें पार्टी के कई सांसदों ने एक अलग समूह बनाने और सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ जुड़ने का फैसला किया है।
तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों में से अधिकतर ने पहले ही राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग समूह का गठन कर लिया है।विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार और चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं तथा सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमलों के बाद बनर्जी और सोनिया गांधी के बीच पहली बार बंद कमरे में मुलाकात हुई।
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