Bengal Assembly Elections : बंगाल में अशांति पर जीरो टॉलरेंस का ऐलान, चुनाव के लिए प्रशासन ने दिए कड़े निर्देश
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : प्रशासन के सख्त निर्देश, 'किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं'
Bengal Assembly Elections : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रशासन ने मंगलवार को सभी सरकारी विभागों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि चुनाव के दौरान "किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" ये निर्देश राज्य सरकार और भारत के निर्वाचन आयोग के संयुक्त प्रयासों के तहत जारी किए गए हैं ताकि स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति कतई न बर्दाश्त करने की नीति के दृष्टिकोण पर बल दिया गया और अधिकारियों को चुनाव के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से छह सूत्री दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव पूरी तरह हिंसा-मुक्त होना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा सहन नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मतदाताओं के लिए भयमुक्त वातावरण हो और उन्हें किसी तरह की धमकी या दबाव का सामना न करना पड़े। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई की अनुमति नहीं होगी और माहौल बिगाड़ने की हर कोशिश से सख्ती से निपटा जाएगा।" फर्जी मतदान जैसी चुनावी अनियमितताओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, बूथ कैप्चरिंग, बूथ जाम करने और मतदान केंद्रों पर अवैध भीड़ जुटाने जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया है। प्रशासन ने मतदाताओं को मतदान से रोकने, डराने-धमकाने या "सोर्स जैमिंग" जैसी किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारी ने कहा, "ऐसी सभी घटनाओं पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।" इस बीच, सुरक्षा में कोई कमी न रहे, इसके लिए राज्य में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की भी तैनाती की जा रही है।

