SBI Nationwide Strike : बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने के आसार... SBI के कर्मचारी 25-26 मई को रहेंगे देशव्यापी हड़ताल पर, चंडीगढ़ में स्टाफ फेडरेशन ने दी चेतावनी
महासचिव इकबाल सिंह मल्ही बोले- द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन कर रहा बैंक प्रबंधन
SBI Nationwide Strike : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अवार्ड स्टाफ (लिपिक और अधीनस्थ कर्मचारी) ने अपनी लंबित मांगों और प्रबंधन के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ आगामी 25 और 26 मई को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) के इस फैसले से देशभर में बैंक की सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है।
प्रबंधन के 'बहरे' रवैये के खिलाफ खोला मोर्चा
एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन, चंडीगढ़ सर्कल के महासचिव इकबाल सिंह मल्ही ने गुरुवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस मीट के दौरान हड़ताल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अवार्ड स्टाफ से संबंधित कई गंभीर मुद्दे लंबे समय से बैंक प्रबंधन के पास लंबित हैं, लेकिन प्रबंधन का व्यवहार इन मुद्दों के प्रति पूरी तरह उदासीन यानी 'बहरा' बना हुआ है। मल्ही ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सामूहिक समस्याओं का समाधान आमतौर पर आपसी चर्चा और समझौतों के जरिए किया जाता है, लेकिन अब समझौतों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
भर्ती और आउटसोर्सिंग पर रोक सहित ये हैं मुख्य मांगें
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि स्थापित द्विपक्षीय मशीनरी अब संतोषजनक ढंग से काम नहीं कर रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। इस हड़ताल के पीछे 16 प्रमुख मांगें हैं, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
भर्ती: संदेशवाहकों, सशस्त्र गार्डों और पर्याप्त स्टाफ की तत्काल भर्ती की जाए।
आउटसोर्सिंग: बैंक में स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को तुरंत बंद किया जाए।
ट्रांसफर और पेंशन: साल 2019 के बाद बैंक में शामिल हुए कर्मचारियों के लिए 'इंटर सर्कल ट्रांसफर' की सुविधा दी जाए और एनपीएस कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर चुनने का विकल्प मिले।
नियुक्तियां: कर्मकार कर्मचारी निदेशक और पीएफ ट्रस्टी नामांकित व्यक्ति की नियुक्ति में हो रही देरी को खत्म किया जाए।
बैंक प्रबंधन की 'मनमानी' का विरोध
महासचिव ने आरोप लगाया कि प्रबंधन द्वारा द्विपक्षीय समझौतों को गलत तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, क्रॉस-सेलिंग के नाम पर कर्मचारियों पर मिस-सेलिंग के लिए दबाव डालना बंद करने, चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार और सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन से जुड़े मुद्दों के समाधान की भी मांग की गई है। मल्ही ने चेतावनी दी कि यदि बैंक प्रबंधन ने समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया, तो 25 मई से होने वाली हड़ताल से उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंधन की होगी।
