बांग्लादेश फिर हिंसा की चपेट में
बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को भी विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिससे देशभर में...
बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार को भी विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं, जिससे देशभर में तनाव व्याप्त हो गया। हादी देश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे और पिछले सप्ताह ढाका के विजयनगर इलाके में चुनाव प्रचार शुरू करते समय नकाबपोश बंदूकधारियों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। गोली मारे जाने के बाद हादी की हालत को ढाका के चिकित्सकों ने ‘बेहद नाजुक' बताया था जिसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा था। मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार रात को टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में हादी की मौत की पुष्टि की। इसके बाद ढाका विश्वविद्यालय परिसर के पास शाहबाग चौराहे पर सैकड़ों छात्र और लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बृहस्पतिवार को प्रमुख समाचार पत्रों के कार्यालयों पर हमला किया, 32 धानमंडी को हथौड़ों से तोड़ा-फोड़ा, और राजशाही सिटी में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की भंग हो चुकी पार्टी आवामी लीग के एक कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया। नेशनल सिटिजन पार्टी' (एनसीपी) समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि हादी पर हमला करने वाला व्यक्ति वारदात को अंजाम देकर भारत भाग गया। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने राजधानी के कारवां बाजार में बांग्ला समाचारपत्र ‘प्रथम आलो' और पास स्थित ‘डेली स्टार' के कार्यालयों पर हमला किया। उन्होंने कई मंजिलों में तोड़फोड़ की। इस दौरान पत्रकार और समाचारपत्र के कर्मचारी अंदर फंसे रहे और समूह ने इमारत के सामने आग लगा दी।
युनूस ने की लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील
अंतरिम सरकार के प्रमुख युनूस ने कहा, 'मैं सभी नागरिकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं।' उन्होंने शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया। उन्होंने कहा कि कोई भी इस देश की लोकतांत्रिक प्रगति को धमकी, आतंकवादी गतिविधियों या रक्तपात के जरिए नहीं रोक सकता।

