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Bangladesh : हादी के लिए कार्यकर्ताओं ने निकाला मार्च, भारतीयों के ‘वर्क परमिट' पर रोक की मांग

हादी की 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान गोली मार कर हत्या कर दी गई

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छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर ढाका में उनकी पार्टी ने एक दिवसीय रैली का आयोजन किया। इस रैली में बांग्लादेश में रहने वाले सभी भारतीयों के ‘वर्क परमिट' रद्द करने सहित अन्य कदमों की मांग की गई।

‘ढाका ट्रिब्यून' अखबार के अनुसार, ‘इंकलाब मंच' ने अपनी चार सूत्री मांगों के तहत उन कथित हत्यारों की वापसी की भी मांग की है, जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्होंने भारत में शरण ली है। पार्टी का कहना है कि अगर भारत उन्हें सौंपने से इनकार करता है तो बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय का रुख करना चाहिए। भारतीय अधिकारियों ने हादी के हत्यारों के भारत में घुसने के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि अवैध सीमा पार करने का कोई सबूत नहीं है।

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अखबार ने आयोजकों के हवाले से बताया कि 'न्याय के लिए मार्च' दिन में करीब 11:30 बजे शाहबाग से शुरू हुआ, जिसमें कार्यकर्ता 10 पिकअप वैन में और पैदल चलकर साइंस लैब, मोहम्मदपुर, मीरपुर-10, उत्तरा, बसुंधरा, बड्डा, रामपुरा और जात्राबारी सहित कई प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए शाम को शाहबाग लौट आएंगे। प्रतिभागियों ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य हादी की हत्या की जांच में तेजी लाने पर जोर देना है। उन्होंने मांग की कि हत्यारे, साजिशकर्ताओं, सहयोगियों और उन्हें शरण देने वालों सहित सभी संबंधित लोगों पर 12 फरवरी के संसदीय चुनावों से पहले मुकदमा चलाया जाए।

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मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "हम हादी के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे," "मेरा भाई कब्र में पड़ा है जबकि हत्यारा आजाद क्यों है?" और "लाल और हरा झंडा, इंकलाब का झंडा-आप हादी को देख सकते हैं" जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि सेना खुफिया महानिदेशालय के भीतर कथित "फासीवादी सहयोगियों" की पहचान की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और न्याय के कठघरे में लाया जाए। हादी (32) जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। हिसंक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी।

हादी की 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान गोली मार कर हत्या कर दी गई। वह 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में भी उम्मीदवार थे। हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, लेकिन 18 दिसंबर को उनका निधन हो गया। हादी की हत्या ने बांग्लादेश में नए सिरे से राजनीतिक अशांति पैदा कर दी है और भारत के साथ संबंधों में तनाव पैदा कर दिया है, क्योंकि कुछ समूहों ने इस अपराध में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।

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