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Badrinath-Dham-2026 : शुभ मुहूर्त में खुले बदरीनाथ धाम के कपाट, 'जय बदरी विशाल' के जयघोष से गूंजी हिमालय की चोटियां

मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में सुबह 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई प्रक्रिया, इसके साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा विधिवत शुरू

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Badrinath-Dham-2026 :  उत्तराखंड के उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित विश्वप्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद आज गुरुवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह ठीक सवा छह बजे मंदिर के मुख्य द्वार खुलते ही पूरा वातावरण 'जय बदरी विशाल' के उद्घोष से भक्तिमय हो उठा। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे।

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बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के विशेष अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर को कई क्विंटल रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने नर और नारायण पर्वत के बीच स्थित इस पावन धाम की सुंदरता को और अधिक बढ़ा दिया।

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सेना के बैंड और ढोल-नगाड़ों की गूंज

कपाट खुलने की प्रक्रिया वैदिक मंत्रोच्चार और पूरी धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस दौरान सेना के बैंड की मधुर धुनों और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों ने उपस्थित भक्तों में भारी उत्साह भर दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहाँ ग्रीष्मकाल के छह माह मनुष्य भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, जबकि शीतकाल में जब कपाट बंद रहते हैं, तब देवर्षि नारद और अन्य देवता भगवान की आराधना करते हैं।

चारधाम यात्रा अब पूर्ण रूप से शुरू

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की इस वर्ष की चारधाम यात्रा अब पूरी तरह से शुरू हो गई है। गौरतलब है कि यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट पहले ही खोले जा चुके हैं। प्रशासन ने यात्रियों की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सकें।

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