Ayodhya Ram Temple Donation Case : अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की SIT जांच पूरी, रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपी
यूपी गृह विभाग ने जरूरी कार्रवाई के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दी रिपोर्ट; मामले में आठ आरोपी गिरफ्तार
Ayodhya Ram Temple Donation Case : उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, गृह विभाग ने जरूरी कार्रवाई के बाद रिपोर्ट ट्रस्ट को दी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच के लिए SIT का पुनर्गठन किया था। नई SIT में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया। इसकी अध्यक्षता आईजी किरण एस कर रही हैं। अयोध्या के डीआईजी सोमें वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी टीम में शामिल हैं। इससे पहले गठित SIT में लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट साझा करने से किया इनकार
इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से SIT जांच पर दाखिल स्थिति रिपोर्ट को फिलहाल याचिकाकर्ताओं या अन्य लोगों के साथ साझा करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ताओं और अन्य जनहितैषी लोगों को जांच से संबंधित सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में देने की अनुमति दी। ये सुझाव SIT के समक्ष विचार के लिए रखे जाएंगे।
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नई SIT को अगली सुनवाई पर जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर
मामले में आठ लोगों—अविनाश शुक्ला, अनकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू—को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
राम जन्मभूमि थाने में 25 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों पर साजिश के तहत दान की राशि की चोरी और हेराफेरी का आरोप लगाया गया था।
मामले में मंदिर कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की रकम की कथित व्यवस्थित चोरी के आरोप लगाए गए हैं। इसको लेकर विपक्ष ने भी उच्च स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। मामले की जांच जारी है।

