राम के लिए सजी अयोध्या

ऐतिहासिक आयोजन जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन आज, शिलान्यास कार्यक्रम में मोदी भी होंगे शामिल

राम के लिए सजी अयोध्या

अयोध्या में मंगलवार शाम सरयू के तट पर की गयी दीपमाला। -निस

अयोध्या, 4 अगस्त (निस/एजेंसी)

भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या ‘दुल्हन’ की तरह सज गयी है। बुधवार को भूमि पूजन व एेतिहासिक शिलान्यास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई हस्तियां शामिल होंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार पीएम मोदी अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ के शिलान्यास के मौके पर आयोजित जन समारोह में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम से पहले वे हनुमानगढ़ी में पूजा करेंगे। मंदिर निर्माण की आधारशिला रखने के लिए वे एक पट्टिका का अनावरण करेंगे और स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे। 

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अयोध्या जाने वाली अधिकतर सड़कें जहां भगवान राम के प्रस्तावित मंदिर और राम लला के बड़े-बड़े पोस्टरों से सजी हैं, वहीं सुरक्षा के भी बेहद कड़े इंतजाम किए गये हैं। अयोध्या जाने वाले वाहनों की जांच उससे पहले पड़ने वाले जिले बाराबंकी से ही शुरू हो जाती है। रास्ते में 4 स्थानों पर सख्त जांच की जा रही है। अयोध्या में प्रवेश करने वालों का पूरा ब्योरा नोट किया जा रहा है। उन्हीं लोगों को प्रवेश करने दिया जा रहा है, जिन्हें आधिकारिक स्वीकृति मिली हुई है। 

पीएम का कार्यक्रम : माेदी बुधवार को 11.30 बजे पहुंचेंगे। वे हनुमानगढ़ी का दर्शन, रामलला का दर्शन, एवं पारिजात का पौधारोपण करने के बाद लगभग 12.30 बजे रामलला मंदिर का भूमि पूजन कर पब्लिक फंक्शन में भाग लेंगे।

पहले हनुमान गढ़ी के दर्शन

राम नगरी के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर को भी सजाया गया है। इसके आसपास की दुकानों को भी गहरे पीले रंग से रंगा गया है। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को सबसे पहले हनुमानगढ़ी मंदिर जाएंगे। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम के दर्शन करने से पहले श्रद्धालु को हनुमान जी के दर्शन करने चाहिए। हनुमानगढ़ी उत्तर भारत के सबसे मशहूर हनुमान मंदिरों में से है। इस मंदिर में हनुमान जी की माता अंजनी की मूर्ति है, जिनकी गोद में छोटे हनुमान जी बैठे हुए हैं। मंदिर के महंत ने बताया कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद जब भगवान राम अयोध्या लौटे, तब उन्होंने हनुमान जी को रहने के लिए यह जगह दी थी। 

रावण मंदिर के पुजारी को भी शिलान्यास का इंतजार

अयोध्या से 650 किलोमीटर दूर नोएडा में रावण के मंदिर के पुजारी को भी राम नगरी में भव्य मंदिर के शिलान्यास की घड़ी का बेसब्री से इंतजार है। गौतम बुद्ध नगर के बिसरख इलाके में रावण का मंदिर स्थित है। उसके पुजारी महंत रामदास का कहना है कि भूमि पूजन संपन्न होने के बाद वह लोगों में मिठाई बाटेंगे। महंत ने बताया कि लोकोक्तियों के मुताबिक बिसरख रावण का जन्म स्थान है। मंदिर में रावण के साथ-साथ भगवान शिव, पार्वती और कुबेर की मूर्तियां भी रखी हुई हैं। 

चांदी की 11 ईंट भेजेगी मध्यप्रदेश कांग्रेस 

भोपाल (एजेंसी) : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चांदी की 11 ईंटें भेजेगी। कमलनाथ ने यहां अपने सरकारी निवास पर राम दरबार सजाकर हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन करने के बाद मीडिया से कहा, ‘ये ईंट प्रदेश के नागरिकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सहयोग से खरीदे गये हैं।’ राम मंदिर निर्माण का स्वागत करते हुए कमलनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1985 में इसकी शुरुआत की थी। 

शरीफ चाचा, दलाई लामा को भी निमंत्रण 

27 साल से लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर मानवता की सेवा करने वाले पद्मश्री मोहम्मद शरीफ उर्फ शरीफ चाचा को भी राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत का न्योता मिला है। उनके बेटे मोहम्मद सगीर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि 82 वर्षीय उनके पिता गुर्दों की बीमारी के कारण ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं, लिहाजा वह कार्यक्रम में शरीक हो पाएंगे, इसमें संदेह है। आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को भी निमंत्रण दिया गया है। हालांकि, उन्हाेंने स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल होने में असमर्थता जताई है। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के  प्रमुख सैयद वसीम रिज्वी और जफर अहमद फारूकी को भी न्योता भेजा गया है। 

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