Atishi Video Case : दिल्ली विस ने पंजाब के अधिकारियों को पेश होने के लिए किया तलब
जालंधर में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ही यह मामला दर्ज किया गया था
Atishi Video Case : दिल्ली विधानसभा ने विपक्ष की नेता आतिशी द्वारा सिख गुरुओं के खिलाफ की गई कथित टिप्पणियों वाले एक वीडियो क्लिप से संबंधित एक मामले के संबंध में पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए तलब किया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह मामला पंजाब के जालंधर में दर्ज है।
विधानसभा सचिवालय ने गृह मामलों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर 27 फरवरी तक विशेषाधिकार समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का अनुरोध किया। दिल्ली विधानसभा ने पत्र में कहा है कि उसने पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं अन्य को जालंधर में दर्ज प्राथमिकी और पुलिस की फोरेंसिक लैब, सोशल मीडिया विशेषज्ञ तथा तकनीकी प्रकोष्ठ की रिपोर्ट की प्रतियां 20 फरवरी तक जमा करने का निर्देश दिया है। जालंधर में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ही यह मामला दर्ज किया गया था।
विधानसभा के पत्र में कहा गया है कि सचिवालय को निर्धारित समय तक न तो आपकी टिप्पणियां मिल सकीं और न ही सूचना एवं दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। इस संबंध में सचिवालय को पंजाब के अवर सचिव (गृह-द्वितीय शाखा) से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें पंजाब सरकार के महाधिवक्ता की राय के अंश शामिल हैं। इसके अलावा सचिवालय ने कहा, ''आपको 27 फरवरी को दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा जाता है, साथ ही आपको अपनी लिखित टिप्पणियां और उपर्युक्त जानकारी/दस्तावेज अवश्य प्रस्तुत करने होंगे। हालांकि, जैसा कि इस सचिवालय के 13 फरवरी के पत्र में पहले ही उल्लेख किया गया है, विशेषाधिकार के मामले संबंधित व्यक्ति के निजी मामले हैं और इनका जवाब आपको अपनी व्यक्तिगत क्षमता में देना होगा।
इससे पहले, विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग का एक क्लिप कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विधायकों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आतिशी ने छह जनवरी को सदन में हुई बहस के बाद गुरु तेग बहादुर का अपमान किया था। भाजपा नेताओं द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए घटना के कथित वीडियो के आधार पर, पंजाब पुलिस ने जालंधर में प्राथमिकी दर्ज की। यह विवाद नवंबर 2025 में नौवें सिख गुरु की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित दिल्ली सरकार के एक कार्यक्रम के इर्द-गिर्द केंद्रित था।

