Middle East Crisis : विमान ईंधन दोगुना महंगा, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी 195.5 रुपये बढ़े
महंगाई का झटका : इतिहास में पहली बार एटीएफ की कीमत 2 लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंची, दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,078.50 रुपये का हुआ, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं
Middle East Crisis : पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आए भारी उछाल का सीधा असर अब घरेलू बाजार पर दिखने लगा है। बुधवार को सरकारी तेल कंपनियों ने विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी करते हुए इसे दोगुने से भी अधिक कर दिया है। इसके साथ ही 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी 195.50 रुपये का बड़ा इजाफा किया गया है। हालांकि, आम आदमी को राहत देते हुए घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
एटीएफ की कीमतें रिकॉर्ड 2.07 लाख के पार
एटीएफ यानी विमान ईंधन की कीमतों में यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। इतिहास में यह पहली बार है जब एटीएफ की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर (केएल) के आंकड़े को पार कर गई है। दिल्ली में एटीएफ के दाम 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर से बढ़ाकर सीधे 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिए गए हैं। इससे पहले 1 मार्च को भी इसकी कीमतों में 5.7 प्रतिशत (5,244.75 रुपये) की वृद्धि हुई थी। ईंधन की कीमतों में इस अप्रत्याशित वृद्धि से हवाई सफर महंगा होने की आशंका है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर 2000 के पार
हवाई ईंधन के साथ-साथ रेस्टोरेंट और ढाबों में इस्तेमाल होने वाला 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी महंगा हो गया है। 195.50 रुपये की इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है। पिछले महीने 1 मार्च को भी कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 114.5 रुपये का इजाफा किया गया था।
घरेलू उपभोक्ताओं को मिली राहत
इस महंगाई के बीच घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में यह अभी भी 913 रुपये में उपलब्ध है। इससे पहले 7 मार्च को इसके दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे।
गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियां (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) अंतरराष्ट्रीय बाजार और विनिमय दर के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को एटीएफ और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह बाधित हुई है, जिसके चलते वैश्विक तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक का उछाल आया है।

