Assembly Elections 2026 : प्रियंका ने LDF और BJP पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- चुनाव के लिए दोनों ने किया गुप्त समझौता
एलडीएफ का भाजपा के साथ गुप्त समझौता, सत्ता में बने रहने के लिए विचारधारा को ताक पर रखा: प्रियंका
Assembly Elections 2026 : कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोमवार को आरोप लगाया कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने केरल में नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के साथ गुप्त समझौता किया है। उन्होंने राज्य और केंद्र, दोनों पर असहमति की आवाज को दबाने और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा केरल के उत्तरी कन्नूर जिले के पेरावूर में विधानसभा चुनाव प्रचार के तहत एक नुक्कड़ सभा को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने दावा किया कि एलडीएफ ने भाजपा के साथ समझौता किया है, जो अल्पसंख्यकों, खासकर ईसाई समुदाय और उनकी नन को परेशान करती है और अब, जब चुनाव में कुछ ही दिन बचे हैं, तो यह काफी स्पष्ट है कि एलडीएफ और भाजपा के बीच एक गुप्त समझौता हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शबरिमला में हुई बड़ी चोरी के बावजूद उस पर एक भी शब्द नहीं कहा है। जब कभी प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई बोलता है, तो उसके खिलाफ सीबीआई, ईडी या आयकर विभाग के मामले दर्ज हो जाते हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ ऐसा एक भी मामला नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्य की एलडीएफ सरकार अपने खिलाफ बोलने या सवाल पूछने वाले किसी भी व्यक्ति का दमन कर देती है। यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। छत्तीसगढ़ में केरल की कैथोलिक ननों पर हुए कथित हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अल्पसंख्यकों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। नयी दिल्ली में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' जैसी संस्थाओं से अपने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि वहां की ननों ने हाल में उन्हें बताया कि आजकल उन्हें अधिकारियों की ओर से कितना दबाव झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। केंद्र सरकार किसी भी तरह से उनके काम को रोकने की कोशिश कर रही है। एलडीएफ ने भाजपा के साथ समझौता करने का विकल्प चुना...विचारधारा से समझौता किया गया है। जवाबदेही से समझौता किया गया है। जिम्मेदारी से समझौता किया गया है। सत्ता में बने रहने के लिए हर चीज से समझौता किया गया है। उन्होंने ननों को सेवा का मार्ग चुनने वाली बहादुर और साहसी महिलाएं बताया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में एलडीएफ सरकार, उसके मंत्रियों और नेताओं में अहंकार समा गया है। केवल विचारधारा ही गायब नहीं है। जनता के प्रति प्रत्येक नेता में जो उत्तरदायित्व या जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए, वह भी देखने को नहीं मिल रही है। हम सभी जानते हैं कि आज केरल में ठेके कैसे दिए जाते हैं। आपने पिछले 10 वर्षों में लालच और भ्रष्टाचार का बोलबाला देखा है। सरकार ने जनता की तुलना में कॉरपोरेट के लिए अधिक काम किया है। उन्होंने वामपंथी सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने और कॉरपोरेट को तरजीह देने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि क्या वामपंथी शासन में लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है और क्या बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक सहायक प्रणाली बनने के बजाय ''बाधक'' बन गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सांसद के रूप में उन्हें कई मुद्दों पर राज्य सरकार के असहयोग का सामना करना पड़ा है। परिवर्तन का आह्वान करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य को 'दूरदर्शी सरकार और ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जिस पर जनता भरोसा कर सके।
उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि जब भी कोई राजनीतिक नेतृत्व किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहने का प्रयास करे, तो जनता को सतर्क हो जाना चाहिए। यूडीएफ के चुनावी वादों का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि गठबंधन ने पांच गारंटी की घोषणा की है और सत्ता में आने पर मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मुआवजे में 50 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के सात दिनों के भीतर मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

