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Assembly Elections 2026 : कांग्रेस ने एमसीसी पर साधा निशाना, कहा- मानहानि, धमकी और झूठ के वायरस की संहिता

'एमसीसी-मोदी की चुनाव प्रचार संहिता', कांग्रेस का निर्वाचन आयोग पर तंज

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Congress vs EC : निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किए जाने से पहले कांग्रेस ने रविवार को तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) 2014 से ''मोदी की चुनाव प्रचार संहिता'' का पर्याय बन गई है और यह संहिता ''मानहानि, गाली-गलौज, धमकी, भय फैलाने और झूठ का वायरस फैलाने'' से भरी होगी। विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि जी1 ने ''उद्घाटन, फीता काटने एवं हरी झंडी दिखाने'' के दौर को पूरा कर लिया होगा इसलिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा को जी2 ने हरी झंडी दे दी होगी।''

कांग्रेस अक्सर 'जी2' शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधने के लिए करती है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों गुजरात से हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''निर्वाचन आयोग आज शाम चार बजे 2026 विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित करेगा। जी1 उद्घाटन, फीता काटने, हरी झंडी दिखाने और योजनाओं की शुरुआत करने के दौर को पूरा कर चुका होगा इसलिए जी2 ने इसे हरी झंडी दे दी होगी।''

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रमेश ने कहा, ''निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) जल्द लागू होने वाली है लेकिन 2014 से यह मोदी की चुनाव प्रचार संहिता का पर्याय बन गई है, जो मानहानि, गाली-गलौज, धमकी, भय फैलाने और झूठ का वायरस फैलाने से भरी होगी।'' चुनाव आचार संहिता चुनाव के दौरान सभी हितधारकों द्वारा सहमत नियमों का एक समूह है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना को व्यवस्थित, स्पष्ट एवं शांतिपूर्ण रखना तथा सत्तारूढ़ दल द्वारा राज्य मशीनरी एवं वित्त के किसी भी दुरुपयोग को रोकना है।

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निर्वाचन आयोग असम, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में रविवार शाम को विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। इन विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तिथियों पर समाप्त हो रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत इन चारों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित की जा चुकी हैं।

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