Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Artemis 2 Mission: 50 साल बाद ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पूरी कर लौटे ‘आर्टेमिस-2’ के अंतरिक्ष यात्री, अब चांद पर उतरने की तैयारी

Artemis 2 Mission: नासा के आर्टेमिस-2 मिशन की सफल वापसी; 7 लाख मील से अधिक दूरी तय कर प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
फोटो स्रोत नासा के एक्स अकाउंट से
Advertisement

Artemis 2 Mission: तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के बीच नासा के 'आर्टेमिस-2' मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री ऐतिहासिक चंद्र यात्रा पूरी करने के बाद प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतर गए। यह 50 वर्षों से अधिक समय बाद चंद्रमा तक पहली मानव उड़ान है।

नासा के भारतीय मूल के सहायक प्रशासक अमित क्षत्रिय ने सैन डिएगो तट के पास शुक्रवार को (पूर्वी समयानुसार 8:07 बजे) पृथ्वी पर वापसी के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''चंद्रमा तक जाने का रास्ता खुल गया है, लेकिन आगे का काम पीछे किए गए काम से कहीं अधिक बड़ा है।''

Advertisement

इस मिशन में शामिल कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन ने दिसंबर 1972 में हुए अपोलो 17 मिशन के बाद पहली बार चंद्रमा की यात्रा की। उड़ान निदेशक रिक हेनफ्लिंग ने कहा कि आर्टेमिस-2 के अंतरिक्ष यात्री ''खुश और स्वस्थ हैं तथा ह्यूस्टन लौटने के लिए तैयार हैं।''

Advertisement

आर्टेमिस-2 पहला मानवयुक्त मिशन था जिसमें नासा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली रॉकेट और ओरियन क्रू मॉड्यूल का उपयोग किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि एजेंसी का उपकरण अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा से बाहर भेजकर सुरक्षित वापस ला सकता है।

अमित क्षत्रिय ने कहा, ''कल उड़ान निदेशक जेफ रेडिगन ने बताया था कि चंद्रमा तक ढाई लाख मील की दूरी तय करने के बाद लक्ष्य साधने के लिए हमारे पास एक डिग्री से भी कम का कोण था और टीम ने इसे सटीकता से हासिल किया। यह किस्मत नहीं, बल्कि एक हजार लोगों की मेहनत का नतीजा है।''

आर्टेमिस-2 ने कुल 7,00,237 मील की दूरी तय की और अधिकतम गति 24,664 मील प्रति घंटा रही। अब नासा का लक्ष्य चंद्रमा पर मानव उतारने और वहां एक बस्ती बनाने का है, जो भविष्य में मंगल और उससे आगे के मिशन के लिए 'लॉन्च पैड' बनेगा।

यह चारों अंतरिक्ष यात्रियों के लिए शानदार यात्रा रही, जिसमें चंद्रमा के उस हिस्से को भी देखा गया जिसे पहले कभी मानव ने नहीं देखा था। इसके साथ ही पूर्ण सूर्यग्रहण का भी अवलोकन किया गया। प्रशांत महासागर में उतरने के बाद ओरियन कैप्सूल खुलते ही टीम ने राहत की सांस ली।

हेनफ्लिंग ने कहा कि जैसे ही कैप्सूल खुला, उनकी टीम ने राहत की सांस ली। उन्होंने कहा, ''हमने नियंत्रण कक्ष टीम से बात की और परिवारों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। यह शानदार दिन था।'' हेनफ्लिंग ने बताया कि पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान टीम को थोड़ी चिंता थी, लेकिन अपने प्रशिक्षण पर पूरा भरोसा था।

नासा ने कहा कि आर्टेमिस-3 मिशन जल्द ही आने वाला है और आर्टेमिस-2 से मिले अनुभवों का उपयोग आगे किया जाएगा। अमित क्षत्रिय वर्तमान में नासा के वरिष्ठ सलाहकार और मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। इससे पहले वह चंद्रमा से मंगल ग्रह कार्यक्रम में उप सहायक प्रशासक के पद पर भी रह चुके हैं।

Advertisement
×