Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

Amritsar Rape Case : हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अमृतसर केस में नई जांच शुरू नहीं, परिवार ने उठाए सवाल

20 जुलाई को हाईकोर्ट ने निष्पक्ष और शीघ्र जांच के लिए नए जांच अधिकारी की नियुक्ति के दिए थे निर्देश

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

Amritsar Rape Case : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के एक महीने से अधिक समय बाद भी अमृतसर की महिला के कथित अपहरण और दुष्कर्म मामले में नई जांच शुरू नहीं हुई है। पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि अब तक किसी पुलिस अधिकारी ने उससे जांच में शामिल होने के लिए संपर्क नहीं किया है।

27 वर्षीय महिला ने मोहाली निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल पर शादी का झांसा देकर कथित तौर पर उसका अपहरण करने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। गुरी चहल मूल रूप से गुरदासपुर का रहने वाला है।

Advertisement

मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। विपक्ष ने मुख्यमंत्री की पत्नी पर मामले को दबाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस आरोप से इनकार किया था।

Advertisement

मामले में 29 अप्रैल, 2026 को अमृतसर के सिविल लाइंस थाने में पीड़िता के पिता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत केस दर्ज किया गया था। पीड़िता के बयान दर्ज किए जाने के बाद बाद में दुष्कर्म से संबंधित धारा भी जोड़ी गई।

हाईकोर्ट ने नए अधिकारी से स्वतंत्र जांच के दिए थे निर्देश

20 जुलाई के आदेश में हाईकोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला मामले), पंजाब की निगरानी में जांच कराने का निर्देश दिया था। अदालत ने ऐसे वरिष्ठ राजपत्रित पुलिस अधिकारी को नया जांच अधिकारी नियुक्त करने को कहा था, जो पहले इस मामले से जुड़ा न रहा हो।

नए जांच अधिकारी को अब तक एकत्र सबूतों की स्वतंत्र रूप से जांच करने और जांच को ‘‘वस्तुनिष्ठ, निष्पक्ष, स्वतंत्र और शीघ्रता से’’ पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह आरोपों के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है।

इसके बावजूद पीड़िता के परिवार का आरोप है कि नई जांच अब तक शुरू नहीं हुई है। पीड़िता के पिता ने ‘द ट्रिब्यून’ से कहा, ‘‘अब तक किसी अधिकारी ने जांच में शामिल होने के लिए हमसे संपर्क नहीं किया है।’’

पुलिस ने पीड़िता के जांच में शामिल नहीं होने की बात कही थी

पुलिस ने इससे पहले गुरी चहल के खिलाफ इस मामले में केस दर्ज किया था। बाद में उसे मामले से डिस्चार्ज कर दिया गया। पुलिस का कहना था कि पीड़िता जांच में शामिल नहीं हुई थी। हालांकि, परिवार का दावा है कि पीड़िता पुलिस और अदालत के समक्ष अपना बयान पहले ही दर्ज करा चुकी थी।

सिविल लाइंस थाने के तत्कालीन एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने कहा था कि जांच आगे बढ़ने और नए तथ्य सामने आने के बाद पीड़िता को दोबारा जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। परिवार ने अब हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद नई जांच शुरू करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए हैं।

विशेष डीजीपी (महिला मामले), पंजाब, गुरप्रीत कौर देव से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन कॉल और संदेशों का जवाब नहीं मिला। पुलिस का पक्ष मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।

Advertisement
×