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मोगा BJP रैली में केसरिया पगड़ी पहनकर पहुंचे अमित शाह, कहा- हिंदू-सिख एकता’ पंजाब की प्रगति की आधारशिला

Amit Shah Moga Rally: रैली में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं आए नजर

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Amit Shah Moga Rally: वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) शनिवार को मोगा में आयोजित पार्टी की ‘बदलाव रैली’ में केसरिया पगड़ी पहनकर पहुंचे। राज्य में पार्टी की मौजूदगी मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और समर्थक जुटे।

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल”, “वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह” और “भारत माता की जय” से की। नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत के महत्व का जिक्र करते हुए शाह ने अपनी केसरिया पगड़ी के प्रतीकात्मक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह आस्था का प्रतीक है और सिख गुरुओं की शिक्षाओं को नमन करता है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से भी आग्रह किया कि वे कार्यक्रम के दौरान जनता के दृश्य में बाधा न बनें।

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समर्थकों को संबोधित करते हुए शाह ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार बनाने के लिए “विजय संकल्प” लेने की अपील की। भीड़ में “वंदे मातरम्” के नारों के बीच उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर समर्थन देने का आह्वान किया और इसे राज्य के लिए एक परिवर्तनकारी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत बताया।

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कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी वाली इस रैली में देशभक्ति का उत्साह और पंजाब की सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत के प्रतीकात्मक संदर्भ देखने को मिले। पारंपरिक सिख और राष्ट्रीय नारों के साथ भाषण की शुरुआत कर शाह ने सांस्कृतिक गौरव और राजनीतिक लामबंदी दोनों को मजबूत करने की कोशिश की।

सिख गुरुओं की पवित्र विरासत का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि भाजपा ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान में स्थित सिख तीर्थस्थलों की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाए हैं। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के संकल्प के कारण ही श्रद्धालुओं के लिए यह तीर्थ यात्रा संभव हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्वतंत्रता के समय भाजपा सत्ता में होती तो करतारपुर भारत का हिस्सा होता।

शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने श्री अकाल तख्त पर हमले की साजिश रची और हिंदू-सिख समुदायों के बीच “खाई” पैदा की। उन्होंने राज्य में कथित “धार्मिक संकट” का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने भी ऐसे प्रयासों के खिलाफ अपने प्राणों की आहुति दी थी।

अमित शाह ने कहा कि ‘हिंदू-सिख एकता’ पंजाब की प्रगति की आधारशिला है। उनके अनुसार 2027 में भाजपा सरकार बनने पर ही यह सामाजिक एकता मजबूत होगी और नशे की समस्या पर निर्णायक प्रहार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार के साथ एकजुट पंजाब ही राज्य की खोई हुई प्रतिष्ठा बहाल कर सकता है और सीमाओं को सुरक्षित रख सकता है।

इससे पहले पंजाब भाजपा नेताओं ने मंच पर शाह का स्वागत किया, जहां प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) रैली में नजर नहीं आए, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें लगने लगीं। हालांकि उनकी पत्नी और पटियाला से सांसद परनीत कौर (Preneet Kaur) और बेटी जयइंदर कौर (Jai Inder Kaur) कार्यक्रम में मौजूद थीं।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि पंजाब के लोग अमित शाह को सुनने के लिए उत्सुक हैं और भाजपा के प्रति समर्थन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग अब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की “डबल इंजन सरकार” चाहते हैं।

बिट्टू ने अमित शाह के नेतृत्व को भाजपा के देशभर में विस्तार का श्रेय देते हुए कहा कि जहां-जहां पार्टी की सरकार है, वहां जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आर्थिक नीतियों के कारण पंजाब वित्तीय संकट की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार राज्य सरकार समय पर वेतन और पेंशन देने में भी संघर्ष कर रही है, जो वित्तीय कुप्रबंधन को दर्शाता है।

वहीं भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा (Ashwani Sharma) ने अमित शाह से पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुधारने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कभी खेती और खेलों के लिए पहचाने जाने वाले पंजाब के युवा अब नशे की लत के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज वही युवा नालों में मृत मिल रहे हैं।”

शर्मा ने इसे शासन की गंभीर विफलता बताते हुए कहा कि केवल भाजपा सरकार ही नशे की समस्या पर काबू पा सकती है, कानून-व्यवस्था बहाल कर सकती है और युवाओं का भविष्य सुरक्षित कर सकती है।

इस मौके पर सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में आम आदमी पार्टी सरकार की कथित विफलताओं पर कांग्रेस “चुप्पी” साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता आपसी गुटबाजी में उलझे हुए हैं और जनता के मुद्दों से दूर हैं।

जाखड़ ने 1980 के दशक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के दो नेताओं के बीच सत्ता संघर्ष ने पंजाब को “दो दशकों के खूनी दौर” में धकेल दिया था। उन्होंने कहा कि आज भी आंतरिक विवादों के कारण कांग्रेस जनता को निराश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और राज्य में स्थिरता व विकास के लिए मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब की चुनौतियों का समाधान केवल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ही कर सकती है।

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