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Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दर्शन को 4,474 श्रद्धालुओं का नया जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना

Amarnath Yatra: जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का मलबा हटाए जाने के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए शनिवार देर रात जम्मू आधार शिविर से 4,474 तीर्थयात्रियों का नया जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार,...

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फोटो: पीटीआई
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Amarnath Yatra: जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का मलबा हटाए जाने के बाद वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए शनिवार देर रात जम्मू आधार शिविर से 4,474 तीर्थयात्रियों का नया जत्था कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुआ।

अधिकारियों के अनुसार, यह अमरनाथ यात्रियों का 19वां जत्था है, जो कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार देर रात दो बजकर 40 मिनट पर 166 वाहनों के काफिले के साथ गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुआ।

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उन्होंने बताया कि हाल में हुई बारिश से पारंपरिक पहलगाम मार्ग को हुए नुकसान के कारण वहां मरम्मत और रखरखाव का काम जारी है, जिसकी वजह से जम्मू से अनंतनाग जिले के पहलगाम आधार शिविर के लिए तीर्थयात्रियों की आवाजाही नहीं हुई।

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कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शनिवार को कहा था, ''हाल में हुई बारिश के कारण श्री अमरनाथ जी यात्रा के पहलगाम मार्ग पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जाने की आवश्यकता है। यात्रा बालटाल मार्ग से जारी रहेगी, जिसके लिए सुचारू और सुरक्षित तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के वास्ते पर्याप्त व्यवस्था की गई है।''

अधिकारियों ने बताया कि 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा सुचारू रूप से जारी है। तीन जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में अब तक चार लाख से अधिक तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा। इससे पहले शनिवार शाम को जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामबन जिले में रामसू इलाके के गांगरू में बड़ा भूस्खलन हुआ था।

यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी मार्ग है। यह घटना राजमार्ग को यातायात के लिए फिर से खोले जाने के कुछ ही घंटों बाद हुई। लगातार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और मलबा जमा होने से यह मार्ग तीन दिनों तक बंद रहा था।

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