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एआई में तेजी से प्रगति करने वाला युग लाने की क्षमता : सुंदर पिचई

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट -2026

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नयी दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बात करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। -प्रेट्र
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गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने एआई को तीव्र प्रगति के युग की शुरुआत करने वाली प्रौद्योगिकी करार दिया, जिसमें नयी वैज्ञानिक खोजों को संभव बनाने एवं उभरती अर्थव्यवस्थाओं को विकास के पारंपरिक चरणों को पार करने में मदद करने की क्षमता है। यहां ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा जितना किसी भी प्रौद्योगिकी ने उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित नहीं किया। उन्होंने एआई के लिए एक महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की, इसे हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा बदलाव बताया और सरकारों, कंपनियों एवं संस्थानों से इस प्रौद्योगिकी को साहसपूर्वक एवं जिम्मेदारी से आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

सॉफ्टवेयर उद्योग की प्रकृति बदल देगा एआई : ऑल्टमैन

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई सॉफ्टवेयर उद्योग की प्रकृति बदल देगी। उन्होंने कहा कि कुछ कंपनियों के लिए यह नुकसानदेह हो सकता है, जबकि कई अन्य कंपनियां अपनी अलग मूल्य पेशकश (वैल्यू प्रपोज़िशन) के कारण इससे लाभ उठा सकेंगी। उन्होंने कहा कि एआई के कारण प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए बहुत कुछ बदलने वाला है, क्योंकि ‘कोडिंग’ अब पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो गई है।

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भारत में एआई के प्रभाव अन्य देशों से अधिक दिखेंगे : एडोब प्रमुख

एडोब के चेयरमैन एवं सीईओ ने शांतनु नारायण ने कहा कि भारत में एआई के प्रभाव अगले कुछ वर्षों में दुनिया के अन्य किसी भी देश की तुलना में अधिक नजर आएंगे, क्योंकि यहां आबादी अधिक है। साथ ही देश डेटा, गोपनीयता और सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि एआई को लोकतांत्रिक बनाने और उसे आम लोगों तक उपलब्ध कराने के मामले में भारत अधिकतर अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।

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एआई को मोबाइल, इंटरनेट की तरह सस्ता बनाएंगे : मुकेश अंबानी

उद्योगपति मुकेश अंबानी ने अगले सात वर्ष में एआई में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की और वादा किया कि वह एआई को भारत में उसी तरह सस्ता एवं सुलभ बनाएंगे जैसे मोबाइल व इंटरनेट डेटा को बनाया था। सम्मेलन में मुकेश अंबानी ने कहा कि यह पहल हर नागरिक, व्यवसाय और सरकारी सेवा को एआई से जोड़ेगी, जो जियो की डिजिटल क्रांति के परिवर्तनकारी पैमाने को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा। जियो अब भारत को बुद्धिमता (इंटेलिजेंस) के युग से जोड़ेगी... भारत अब बुद्धिमता को किराये पर लेने का जोखिम नहीं उठा सकता। इसलिए, हम बुद्धिमता से हासिल जानकारी की लागत को उतनी ही तेजी से कम करेंगे जितनी हमने डेटा के मामले में की थी।’

बच्चों को डिजिटल दुर्व्यवहार से बचाने के लिए करेंगे काम : मैक्रों

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक ढांचा तैयार करने पर काम करेंगे, जिसमें नवाचार को जिम्मेदारी के साथ और प्रौद्योगिकी को मानवता के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इसीलिए फ्रांस में हम 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा, ‘मुझे पता है, प्रधानमंत्री जी, आप भी इस क्लब में शामिल होंगे। यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस तरह का कदम उठाएगा।

एआई के संभावित दुरुपयोग की चुनौतियों के बीच भारत की भूमिका अहम : एंथ्रोपिक के सीईओ

एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डारियो अमोदेई ने कहा कि एआई मॉडल के स्वायत्त व्यवहार, लोगों तथा सरकारों के इसका दुरुपयोग करने की आशंका और आर्थिक विस्थापन की क्षमता से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में अपने संबोधन में अमेरिका स्थित एआई अनुसंधान एवं सुरक्षा कंपनी के सीईओ अमोदेई ने कहा कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए एक मानक स्थापित किया है और ‘ग्लोबल साउथ’ के माध्यम से प्रौद्योगिकी एवं मानवीय लाभों के प्रसार में मदद की है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षाें में एआई में हुई प्रगति बेहद आश्चर्यजनक रही है।

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