संसद में बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को ‘ऐतिहासिक’ करार देते हुए कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। गोयल ने पहले लोकसभा में और फिर राज्यसभा में अपनी ओर से भारत एवं अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर एक वक्तव्य दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।
गोयल ने कहा कि दोनों देश नियमित रूप से चर्चा कर रहे थे...दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए यह समझौता करने में सफल रहे हैं। गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का ध्यान रखा
गया है।
उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
अनिश्चितता खत्म होती है, पूंजी सृजन में आती है तेजी : सेबी प्रमुख
मुंबई : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि अमेरिका जैसे देशों के साथ व्यापार समझौतों के जरिये व्यापारिक तनाव खत्म होने से अनिश्चितताएं दूर होती हैं जिससे पूंजी सृजन में तेजी आने में मदद मिलती है। पांडेय ने वायदा-विकल्प सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के सरकार के प्रस्ताव पर टिप्पणी से इनकार कर दिया और कहा, ‘इस समय हम किसी भी नए कदम पर विचार नहीं कर रहे हैं।’

