हरियाणा के बाद अब पंजाब में पूनिया की पहली एंट्री, BJP के राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
दोनों पड़ोसी राज्यों में भाजपा संगठन की कमान; आज चंडीगढ़ से तीन दिवसीय प्रवास की शुरुआत
हरियाणा में भाजपा संगठन की कमान संभाल रहे डॉ. सतीश पूनिया अब पंजाब में अपनी पहली राजनीतिक एंट्री करने जा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय सचिव से राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर प्रमोट करने के साथ ही उन्हें हरियाणा के अलावा पंजाब का भी प्रभारी बनाया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पंजाब में उनका यह पहला संगठनात्मक प्रवास होगा। राजस्थान मूल के पूनिया 31 अगस्त से 2 सितंबर तक पंजाब के दौरे पर रहेंगे। वह आज चंडीगढ़ से अपने प्रवास की शुरुआत करेंगे। पंजाब भाजपा मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों और कोर कमेटी की बैठक में शामिल होकर वह संगठन की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
पहले ही दौरे में संगठन की ‘नब्ज’ टटोलेंगे
पूनिया के पहले पंजाब प्रवास को भाजपा के लिए संगठनात्मक तौर पर अहम माना जा रहा है। तीन दिन के दौरान वह पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला स्तर के नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। जालंधर और अमृतसर में भी संभाग व जिला स्तर की बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों के जरिए पंजाब में संगठन की जमीनी स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर फीडबैक लेने पर जोर रहेगा।
हरियाणा-पंजाब की दोहरी जिम्मेदारी
पूनिया के सामने अब हरियाणा के साथ पंजाब में भी भाजपा संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी है। हरियाणा में सरकार और संगठन के स्तर पर काम करने के बाद पंजाब उनके लिए अलग राजनीतिक चुनौती वाला राज्य है, जहां भाजपा अपने संगठनात्मक आधार को विस्तार देने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेतृत्व की ओर से उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर दो राज्यों की जिम्मेदारी दिया जाना संगठन में उनके बढ़े कद का संकेत भी माना जा रहा है।
चंडीगढ़ से जालंधर और फिर अमृतसर
पूनिया 31 अगस्त को चंडीगढ़ में प्रदेश पदाधिकारी और कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। 1 सितंबर को जालंधर और 2 सितंबर को अमृतसर में संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम है। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। पंजाब प्रभारी के तौर पर पहला दौरा होने के कारण पूनिया की बैठकों पर पार्टी के भीतर भी नजर रहेगी। खासतौर पर यह देखना अहम होगा कि वह पंजाब में संगठन विस्तार और आगामी चुनावी रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

