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नोटबंदी के बाद वोटबंदी... ज्ञानेश कुमार पर सचिन पायलट का हमला, बोले- वोटरों के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे

एसआईआर के जरिए चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे : सचिन पायलट

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निर्वाचन आयोग के कामकाज में ''मनमानी'' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का इस्तेमाल चुनिंदा मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। जयपुर में पायलट ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े फैसलों में अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों को दरकिनार कर दिया। देश कानून के अनुसार चलता है। निर्वाचन आयोग में तीन सदस्य हैं और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाते हैं। लेकिन ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों को दरकिनार कर पूरी प्रक्रिया अपने स्तर पर शुरू कर दी।

पायलट ने दावा किया कि स्थानीय स्तर पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा सामान्य तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली शक्तियों को केंद्रीकृत किया जा रहा है और दिल्ली से मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं और हरियाणा, बिहार तथा पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में चुनिंदा मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पहले नोटबंदी हुई और अब 'वोटबंदी' की जा रही है। मतदान नागरिक का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अधिकार है। अगर यह अधिकार छीन लिया जाए तो इससे गंभीर बात क्या हो सकती है?

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के रूप में निर्वाचन आयोग के प्रति लोगों का भरोसा कम हुआ है। राजस्थान में सूखे जैसे हालात को लेकर पायलट ने कहा कि कई क्षेत्रों में मानसून की कम बारिश के बावजूद राज्य सरकार ने समय रहते तैयारियां नहीं कीं। सरकार की योजना पूरी तरह विफल रही है।

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अगर एक-दो महीने पहले तैयारियां कर ली जातीं और मानसून की कमी स्पष्ट होने के बाद योजना बनाई जाती तो कुछ राहत दी जा सकती थी और शायद स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार का ध्यान बारिश की कमी से पैदा हुई समस्याओं के समाधान के बजाय चुनाव प्रबंधन और सत्ता में बने रहने पर केंद्रित रहा। उन्होंने हाल के नगरीय निकाय चुनावों के दौरान सरकार पर पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा सीमा पर रोका गया।

पंजाब का जिक्र करते हुए पायलट ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई है तथा अपनी आवाज उठाने वालों के खिलाफ पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव पायलट ने विश्वास जताया कि कांग्रेस पंजाब में अगली सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ बनाएगी।

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