FEMA केस में कैप्टन अमरिंदर सिंह को समन के बाद हलचल, ED जालंधर के टॉप अधिकारी का तबादला
ED Jalandhar Transfer: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जालंधर में तैनात अपने वरिष्ठतम अधिकारी का तबादला कर दिया है। अतिरिक्त निदेशक रवि तिवारी (Ravi Tewari) को चेन्नई स्थानांतरित कर दिया गया है और उनकी जगह दिनेश पचौरी (Dinesh Pachauri) ने कार्यभार...
ED Jalandhar Transfer: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जालंधर में तैनात अपने वरिष्ठतम अधिकारी का तबादला कर दिया है। अतिरिक्त निदेशक रवि तिवारी (Ravi Tewari) को चेन्नई स्थानांतरित कर दिया गया है और उनकी जगह दिनेश पचौरी (Dinesh Pachauri) ने कार्यभार संभाला है।
यह तबादला उस समय हुआ है जब ED ने भाजपा नेता व पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) और उनके बेटे रणइंदर सिंह (Raninder Singh) को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (Foreign Exchange Management Act) के कथित उल्लंघन मामले में समन जारी किया था। रणइंदिर को गुरुवार और अमरिंदर सिंह को शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा गया था।
हालांकि दोनों उपस्थित नहीं हुए, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री मोहाली के एक अस्पताल में घुटने की सर्जरी के बाद भर्ती हैं। वर्ष 2009 बैच के आईआरएस अधिकारी रवि तिवारी सितंबर 2023 में जालंधर में तैनात हुए थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता को समन जारी होने के समय ही उनका तबादला किए जाने को राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य भी हैं। उनको समन जारी होने की खबर ने राजनीतिक गलियारों में सभी को चौंका दिया था। लंबे समय तक राजनीतिक रूप से निष्क्रिय रहने के बाद वह हाल ही में सक्रिय हुए थे और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ भाजपा के गठबंधन के समर्थन में बयान दे रहे थे। उन्होंने पार्टी के भीतर कुछ असहजता के संकेत भी दिए थे।
समन की खबरों के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा था कि यदि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस में वापसी करना चाहें तो पार्टी नेतृत्व इस पर विचार कर सकता है। इससे उनके संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
वहीं, AICC सचिव और विधायक परगट सिंह ने इस कार्रवाई को भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का प्रयास बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कैप्टन अमरिंदर मुख्यमंत्री रहते हुए पंजाब और किसानों के पक्ष में मजबूती से खड़े थे, तब केंद्र ने कथित रूप से एजेंसियों का इस्तेमाल कर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की और बाद में भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया।
रणइंदर सिंह को पहली बार जुलाई 2016 में ED ने तलब किया था। उनसे स्विट्जरलैंड में धन के कथित लेन-देन और ‘जकारांडा ट्रस्ट’ की स्थापना को लेकर पूछताछ की गई थी। वह नवंबर 2020 में भी ED के सामने पेश हुए थे। बताया जाता है कि यह जांच आयकर विभाग की उन कथित रिपोर्टों से जुड़ी थी, जिनमें विदेशों में खरीदी गई कुछ संपत्तियों के खुलासा न किए जाने की बात कही गई थी। ED सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह को जारी समन भी इसी मामले से संबंधित है।
रणिंदर सिंह ने 11 फरवरी की शाम ‘X’ पर लिखा, “हम कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और हर जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। हमें कानून के शासन पर पूरा विश्वास है और हमें भरोसा है कि सत्य और न्याय की जीत होगी।”

