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12वीं के अंकों से ही हों दाखिले... NEET से BVSc दाखिले का विरोध, CM विजय ने PM मोदी के सामने रखी बड़ी मांग

बीवीएससी में प्रवेश के लिए केंद्रीकृत परीक्षा खत्म करें प्रधानमंत्री: मुख्यमंत्री विजय

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BVSc Admission Dispute : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन स्नातक (बीवीएससी एंड एएच) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि इन पाठ्यक्रमों में दाखिला उच्च माध्यमिक परीक्षा के अंकों या राज्य सरकारों द्वारा तय किए गए मानदंडों के आधार पर जारी रखा जाए।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय पशु चिकित्सा परिषद (वीसीआई) ने सभी पशु चिकित्सा कॉलेजों में इन दाखिलों के लिए एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा अनिवार्य कर दी है। वीसीआई ने यह भी सलाह दी है कि अगर ऐसी परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है, तो राज्यों को 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से शुरू होने वाले दाखिले के लिए नीट (स्नातक)-2026 मेधा सूची को अपनाना होगा। छह अगस्त को लिखे अपने पत्र में, मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि इससे राज्य पर बुरा असर पड़ेगा।

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उन्होंने कहा, "तमिलनाडु दशकों से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में छात्रों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर दाखिला देने की व्यवस्था का पालन करता आ रहा है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट जैसी केंद्रीयकृत परीक्षाएं पिछड़ी पृष्ठभूमि वाले छात्रों के लिए बड़ी रुकावटें पैदा करती हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जुड़ी हालिया गड़बड़ियों का जिक्र किया, जिनमें परीक्षा रद्द होना और 2024 में कथित तौर पर प्रश्न पत्र लीक होने की सीबीआई जांच शामिल है, इन वजहों से नीट को पशु चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सही पैमाना नहीं माना जा सकता।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे वीसीआई को अपने फैसले पर फिर से विचार करने की सलाह दें, ताकि पशु चिकित्सा शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित हो सके और राज्यों की उचित नीतिगत पसंद की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए 2007-08 शैक्षणिक वर्ष में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा को खत्म कर दिया था।

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