Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

श्रीनगर में हालात पर प्रशासन सख्त, 'शहीदों' के कब्रिस्तान जाने से लोगों को रोका गया

श्रीनगर के नक्शबंद साहिब इलाके में दूसरे दिन भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, पाबंदियां जारी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सांकेतिक फोटो। पीटीआई फाइल फोटो
Advertisement

श्रीनगर के नक्शबंद साहिब इलाके में स्थित 'शहीदों' के कब्रिस्तान में लोगों को एकत्र होने से रोकने के लिए शहर के कुछ हिस्सों में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी पाबंदियां जारी रहीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर नौहट्टा और नक्शबंद साहिब क्षेत्र सहित शहर के पुराने हिस्सों में प्रतिबंध जारी है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। सोमवार को 13 जुलाई को 'शहीद दिवस' के अवसर पर किसी भी तरह के जमावड़े को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने नक्शबंद साहिब इलाके की पूरी तरह घेराबंदी कर दी थी। 13 जुलाई, 1931 को महाराजा हरि सिंह के सैनिकों की गोलीबारी में 22 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी।

Advertisement

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अन्य नेताओं और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दावा किया था कि उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कब्रिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी गई। बाद में उन्होंने अपने-अपने दलों के मुख्यालयों में श्रद्धांजलि अर्पित की।

Advertisement

वर्ष 1931 में 13 जुलाई को श्रीनगर की केंद्रीय जेल के बाहर डोगरा सेना की गोलीबारी में 22 लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने 13 जुलाई को राजपत्रित अवकाशों की सूची से हटा दिया था।

Advertisement
×