Excise Policy Case : केजरीवाल और सिसोदिया के बाद अब दुर्गेश पाठक ने भी हाईकोर्ट की कार्यवाही से बनाई दूरी
जस्टिसस्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर दी जानकारी, कहा- अरविंद केजरीवाल के साथ खड़ा हूं, इसलिए पेश नहीं होऊंगा
Excise Policy Case : आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन आबकारी मामले की कार्यवाही में शामिल न होने का निर्णय लिया है। पाठक ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि वह इस मामले की कार्यवाही में न तो स्वयं पेश होंगे और न ही उनकी ओर से कोई वकील अदालत में भाग लेगा।
दुर्गेश पाठक का यह कदम पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा उठाए गए कदमों के समान ही है।
केजरीवाल के प्रति जताई एकजुटता
जस्टिस शर्मा को लिखे अपने पत्र में दुर्गेश पाठक ने कहा कि वह पूरी तरह से अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं। उन्होंने पत्र में लिखा, "मैं अरविंद केजरीवाल के साथ खड़ा हूं और इस मामले में पेश होने में असमर्थ हूं।" पाठक ने यह भी साफ कर दिया कि उनकी पैरवी के लिए कोई वकील भी अदालत की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनेगा।
20 अप्रैल के फैसले के बाद लिया निर्णय
गौरतलब है कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से इस मामले की सुनवाई से अलग होने (Recusal) का अनुरोध किया था। हालांकि, 20 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद ही तीनों नेताओं ने अदालत को पत्र लिखकर कार्यवाही में पेश न होने की बात कही है।

