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शुरुआत सुखद, सेहत पर भी नज़र

नव वर्ष 2026 का खट्टा-मीठा आरंभ । महंगाई के दिखे दो रूप

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साल 2026 की शुरुआत कुछ खट्टी-मीठी खबरों से हुई। जीएसटी कलेक्शन बढ़ने की सूचना के साथ ही महंगाई के दो रूप दिखे। एक तरफ जहां तंबाकू उत्पाद महंगा होना सेहत के प्रति अच्छा संकेत है तो दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से होटल-ढाबों पर जेब हो सकती है और ढीली

छह प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये हुआ जीएसटी संग्रह

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सकल जीएसटी संग्रह बीते माह दिसंबर में 6.1 प्रतिशत बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। करों में कटौती के बाद घरेलू बिक्री से होने वाले राजस्व में वृद्धि सुस्त रहने से जीएसटी संग्रह की रफ्तार नरम पड़ी है। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। दिसंबर 2024 में सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था। वहीं, नवंबर 2025 में जीएसटी दरें कम होने के बाद कुल संग्रह 1.70 लाख करोड़ रुपये रहा था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में घरेलू लेनदेन से सकल राजस्व 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया जबकि आयातित वस्तुओं से राजस्व 19.7 प्रतिशत बढ़कर 51,977 करोड़ रुपये रहा। इसे कुल सकल जीएसटी संग्रह 1,74,550 करोड़ रुपये रहा।

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दिसंबर में कर ‘रिफंड’ 31 प्रतिशत बढ़कर 28,980 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध जीएसटी राजस्व (कर रिफंड समायोजन के बाद) 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 2.2 प्रतिशत अधिक है। पिछले महीने उपकर संग्रह घटकर 4,238 करोड़ रुपये रहा, जबकि दिसंबर 2024 में यह 12,003 करोड़ रुपये था। उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर, 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी गईं। इससे सामान सस्ता हुआ है। सरकार ने जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाते हुए अब केवल दो दरें पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत रखी हैं, जबकि पहले ये पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत थीं।

तंबाकू उत्पाद पर अब लगेगा अतिरिक्त उप कर

सांकेतिक फोटो iStock
सांकेतिक फोटो iStock

तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर एक फरवरी से लागू होंगे। सरकार ने यह जानकारी दी। वित्त मंत्रालय द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, तंबाकू और पान मसाला पर लगने वाले नए कर, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अतिरिक्त होंगे। ये उस क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे जो वर्तमान में ऐसे हानिकारक उत्पादों पर लगाया जा रहा है। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि ‘बीड़ी’ पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। तंबाकू उत्पादों (चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा सुगंधित तंबाकू, गुटखा) के लिए एक नयी एमआरपी-आधारित मूल्यांकन प्रणाली शुरू की गई है। गुटखा पर 91 प्रतिशत, चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत और जर्दा सुगंधित तंबाकू पर 82 प्रतिशत का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। सिगरेट की लंबाई व फिल्टर के आधार पर प्रति 1,000 ‘स्टिक’ पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक का कर लगेगा। इस बीच, सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बृहस्पतिवार भारी गिरावट आई। गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर 17 प्रतिशत तक लुढ़क गया। आईटीसी का शेयर भी 9.69 प्रतिशत गिरकर 363.95 रुपये पर बंद हुए। वीएसटी इंडस्ट्रीज का शेयर भी 0.60 प्रतिशत गिरकर 255.15 रुपये पर बंद हुआ।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 111 रुपये महंगा

विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) या विमान ईंधन की कीमत में 7.3 प्रतिशत की कटौती की गई जबकि कमर्शियल एलपीजी 111 रुपये प्रति सिलेंडर महंगा किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने वैश्विक ईंधन मानकों के अनुरूप अपने मासिक मूल्य संशोधन को लागू किया। दिल्ली में होटल व रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर अब 1,691.50 रुपये हो गई है। दो बार मासिक कटौती के बाद अब कीमतों में यह वृद्धि हुई है। 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में आखिरी कटौती एक दिसंबर को 15.50 रुपये प्रति सिलेंडर की गई थी। इससे पहले प्रति सिलेंडर कीमत में पांच रुपये की कटौती की गई थी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत अप्रैल 2025 में 50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 853 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर अपरिवर्तित रहीं।

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