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40 हजार, लैपटॉप और मोबाइल... चुनावी स्वार्थ के लिए बांटी जाती हैं रेवड़ियां, लुभावने वादों के छलावे से बचें; मायावती की महिला वोटर्स से अपील

निजी लाभ पहुंचाने वाली 'रेवड़ियों', लुभावने वादे एवं घोषणाओं से बचकर रहें महिलाएं : मायावती

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मायावती की फाइल फोटो। फोटो स्रोत एक्स अकाउंट @Mayawati
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UP Elections : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने महिला मतदाताओं से निजी लाभ वाले लुभावने वादे एवं घोषणाओं से बचने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि इसके जरिए चुनावों को अनुचित तरीके से प्रभावित किया जाता है। मायावती का यह बयान संभवतः समाजवादी पार्टी की हाल में की गई उस घोषणा की ओर इशारा था, जिसमें कहा गया था, ''हर गरीब, शोषित और वंचित महिला के खाते में हर साल सीधे 40,000 रुपये दिए जाएंगे, जो हर वर्ष बढ़ते जाएंगे। इसके अलावा 'पीडीए प्रतिभाशाला' के माध्यम से उन्हें हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

मुफ्त लैपटॉप और 'साइकिल' से उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा। मोबाइल फोन का मुफ्त वितरण उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा।'' मायावती ने सोमवार को उत्तर प्रदेश, मंडल इकाइयों और सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की जिसमें उन्होंने खास तौर पर पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति समेत आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बसपा प्रमुख ने कहा, ''चुनावी स्वार्थ के लिए मतदान से पहले महिलाओं आदि को कई प्रकार के निजी लाभ पहुंचाने वाली 'रेवड़ियों' (मुफ्त सुविधाएं) सहित विभिन्न लुभावने वादों और घोषणाओं के माध्यम से चुनावों को गलत तरीके से प्रभावित किया जाता है।''

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उन्होंने कहा, ''लेकिन चुनाव के बाद सरकार बनने पर देश के विभिन्न राज्यों में जनता से की जा रही वादाखिलाफी के बारे में खासकर उत्तर प्रदेश की जनता को आगाह करना जरूरी है, ताकि लोग विरोधी दलों के ऐसे खुलेआम छलावे और विश्वासघात से बचकर चुनाव में अपनी इच्छा के अनुसार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान कर सकें। यह देश और जनहित में बेहद जरूरी है।'' मायावती ने कहा, ''देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव के बाद सरकार बनने पर लगातार हो रही वादाखिलाफी, विश्वासघात और जनहित एवं जनकल्याण के प्रति गैर-जिम्मेदारी के खिलाफ बसपा के संघर्ष के साथ-साथ 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' पीढ़ी के युवाओं को भी ऐसे जनविरोधी रवैये और गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठानी पड़ रही है। इसके कारण उन्हें पुलिस मामलों और अन्य सरकारी दमन का सामना करना पड़ रहा है।''

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जिन पीढ़ी को जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ उन्हें 'जेन-जी' और जिनका जन्म 2013 से 2024 के बीच हुआ उन्हें 'जेन-अल्फा' कहा जाता है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, ''महंगाई के साथ-साथ गरीबी, बेरोजगारी और पिछड़ेपन के कारण मजबूरी में होने वाले पलायन से उत्तर प्रदेश की जनता भी लगातार परेशान है। इसके समाधान के लिए सरकार जो भी घोषणाएं कर रही है, वे ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं। इनमें समस्या के समाधान से अधिक चुनावी छलावा नजर आता है।'' उन्होंने कहा कि जनहित और जनकल्याण का दायित्व लगातार निभाना सभी सरकारों की संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसे हर वर्ष जारी रखा जाना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकारों ने किसी मुहूर्त या चुनाव की प्रतीक्षा किए बिना लगातार यह दायित्व निभाया और 'सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति' के क्षेत्र में अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक कार्य किए, जो किसी से छिपे नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर नौ अक्टूबर के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम को पूरी निष्ठा के साथ आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस वर्ष यह कार्यक्रम केवल लखनऊ में होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बसपा सरकार के कार्यकाल में वीआईपी रोड पर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए गए भव्य 'बौद्ध स्मृति उपवन' के सामने स्थित विशाल गुंबदाकार 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' में आयोजित किया जाएगा।

इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे प्रदेश से लोग एकत्र होकर कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ से जान-माल के नुकसान पर दुख प्रकट किया और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आपदा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को सभी प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद के लिए तत्काल आगे आना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि ऐसा नहीं होने पर खासकर पूर्वांचल के लोगों का जीवन गरीबी, भूख और कर्ज के बोझ से और कठिन हो जाएगा।

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