130 mm बारिश से रोहतक बेहाल, कालोनियां जलमग्न; आज भी अलर्ट के चलते निगम की टीमें मुस्तैद
रातभर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जनता कॉलोनी, मॉडल टाउन और छोटूराम चौक समेत कई इलाकों में जलभराव
रोहतक में रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था को एक बार फिर चुनौती दे दी। करीब 130 एमएम बारिश के बाद शहर के अधिकतर हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कई कालोनियों में सड़कों और गलियों पर पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय कार्यालयों और अन्य कामकाज के लिए निकले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई जगह वाहन भी पानी में फंसते नजर आए।
जनता कॉलोनी से मॉडल टाउन तक पानी ही पानी
शहर की जनता कॉलोनी, छोटूराम चौक, मॉडल टाउन, पुराना बस स्टैंड के आसपास सहित अनेक क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा रहा। निचले इलाकों में स्थिति अधिक खराब रही। गलियों में पानी भरने से स्थानीय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी परेशानी हुई। कई स्थानों पर सड़कें और गलियां जलमग्न होने के कारण यातायात प्रभावित रहा।
पंप लगाकर पानी निकालने की कोशिश
जलभराव की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचीं और पानी की निकासी के लिए पंप लगाए गए। निगम अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। हालांकि, बारिश की मात्रा अधिक होने के कारण कई जगह पानी निकासी की व्यवस्था नाकाफी दिखाई दी। लगातार पानी जमा रहने से निगम कर्मचारियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आज फिर बारिश के अलर्ट से निगम अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से आज भी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर नगर निगम की टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जलभराव संभावित क्षेत्रों पर नजर रखने और बारिश होने की स्थिति में तत्काल पानी निकासी के इंतजाम करने को कहा गया है। प्रशासन की टीमें भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल
हर बार की तरह इस बार भी तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है। इस बार भी करीब 130 एमएम बारिश के बाद यही स्थिति देखने को मिली। लोगों का कहना है कि जलभराव से कुछ समय के लिए राहत दिलाने के बजाय शहर में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। निगम अधिकारियों का कहना है कि पानी की निकासी के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पंप लगाए जा रहे हैं।

