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Working Woman Alert : जलन, दर्द और बार-बार वॉशरूम... कामकाजी महिलाओं को क्यों घेर रहा यूरिन इंफेक्शन?

महिलाएं रहें सावधान! ये छोटी-सी लापरवाही बन सकती है इंफेक्शन की वजह

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Working Woman Alert : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं घर और ऑफिस दोनों की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हैं। लेकिन इस बिजी लाइफस्टाइल का असर उनकी सेहत पर भी पड़ रहा है। खासकर कामकाजी महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) यानी यूरिन इंफेक्शन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआत में यह समस्या मामूली लग सकती है, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकती है और किडनी तक को प्रभावित कर सकती है।

घंटों तक पेशाब रोकना बन रहा बड़ी वजह

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एक्सपर्ट के अनुसार, कामकाजी महिलाओं में यूटीआई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना है। कई महिलाएं मीटिंग, व्यस्त कार्यशैली या साफ टॉयलेट की कमी के कारण बार-बार वॉशरूम जाने से बचती हैं। जब पेशाब लंबे समय तक ब्लैडर में जमा रहता है, तो बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिलता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यही आदत धीरे-धीरे बार-बार होने वाले यूरिन इंफेक्शन का कारण बन सकती है।

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पानी कम पीना भी पड़ रहा भारी

ऑफिस में व्यस्त रहने के कारण कई महिलाएं पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीतीं। शरीर में पानी की कमी होने पर यूरिन कम बनता है और बैक्टीरिया शरीर से बाहर नहीं निकल पाते। एक्सपर्ट का मानना है कि पर्याप्त पानी पीने से यूरिनरी सिस्टम साफ रहता है और संक्रमण की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। इसलिए दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पीना जरूरी माना जाता है।

खराब हाइजीन और अनियमित दिनचर्या

काम के दबाव में कई बार महिलाएं व्यक्तिगत स्वच्छता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं। सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग, लंबे समय तक एक ही कपड़े पहनना, पसीना और नमी भी बैक्टीरिया के पनपने का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा नींद की कमी, तनाव और असंतुलित खानपान भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

यूरिन इंफेक्शन होने पर पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने की इच्छा, पेट के निचले हिस्से में दर्द, तेज गंध वाला यूरिन या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बचाव के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

एक्सपर्ट का कहना है कि कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके यूटीआई के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पर्याप्त पानी पिएं, पेशाब को लंबे समय तक न रोकें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और संतुलित आहार लें।

इसके अलावा नियमित स्वास्थ्य जांच और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना भी जरूरी है। सही जागरूकता और सावधानी के जरिए कामकाजी महिलाएं इस आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या से खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।

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