Women vs Men Sleep : नींद पूरी, फिर भी थकान क्यों? पुरुष कम सोकर भी रहते हैं फ्रेश, महिलाओं के साथ क्यों होता है उल्टा?
8 घंटे की नींद के बाद भी थकी क्यों रहती हैं महिलाएं? रिसर्च ने खोला राज
Women vs Men Sleep : अक्सर माना जाता है कि जो व्यक्ति ज्यादा देर और गहरी नींद सोता है, वह सुबह ज्यादा फ्रेश महसूस करता है, लेकिन हाल ही में सामने आई एक रिसर्च ने इस धारणा को चुनौती दी है। अध्ययन के मुताबिक, महिलाएं पुरुषों की तुलना में बेहतर और लंबी नींद लेती हैं, फिर भी वे सुबह उठकर ज्यादा थकान महसूस करती हैं।
क्या कहती है रिसर्च?
रिसर्च के अनुसार, अच्छी नींद सिर्फ घंटों या गहराई पर निर्भर नहीं करती। यह इस बात पर भी निर्भर करती है कि व्यक्ति अपनी नींद को कैसे महसूस करता है। इसे "परसीव्ड स्लीप क्वालिटी" कहा जाता है। यही वजह है कि कई लोग पर्याप्त नींद लेने के बावजूद खुद को थका हुआ महसूस करते हैं।
महिलाओं को क्यों याद रहती है टूटी हुई नींद?
एक्सपर्ट के अनुसार, महिलाएं रात में कम बार जागती हैं, लेकिन जब उनकी नींद टूटती है तो वे पुरुषों की तुलना में ज्यादा देर तक जागी रहती हैं। महिलाएं औसतन 9 मिनट तक जाग सकती हैं, जबकि पुरुष 6 से 7 मिनट में दोबारा सो जाते हैं।
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति 5 मिनट से ज्यादा समय तक जागता है तो दिमाग उस घटना को याद रखता है। यही कारण है कि महिलाओं को रात में नींद टूटने की बातें सुबह तक याद रहती हैं और उन्हें लगता है कि उनकी नींद पूरी नहीं हुई।
पुरुष क्यों महसूस करते हैं ज्यादा संतुष्टि?
रिसर्च में यह भी सामने आया कि पुरुष रात में हुई छोटी-मोटी नींद की रुकावटों को अक्सर भूल जाते हैं। इस वजह से वे अपनी नींद को वास्तविकता से बेहतर मान लेते हैं और सुबह अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं।
हॉर्मोन्स भी निभाते हैं बड़ी भूमिका
एक्सपर्ट के अनुसार, महिलाओं में पीरियड्स, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के दौरान होने वाले हॉर्मोनल बदलाव भी नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। बैक पेन, बार-बार वॉशरूम जाना और हॉट फ्लैशेस जैसी समस्याएं भी उनकी नींद को बाधित कर सकती हैं।

